रायपुर

Heatwave Alert: लू से सावधान! छत्तीसगढ़ में ढाई महीने में 1100 से ज्यादा मरीज, अस्पतालों में बढ़ी भीड़

Chhattisgarh Heatwave Alert: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर, अप्रैल से 15 जून तक 1100 से ज्यादा लोग लू की चपेट में आए। अस्पतालों में बढ़े हीट स्ट्रोक के मरीज, डॉक्टरों ने गर्मी में सावधानी बरतने की सलाह दी।

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Jun 17, 2026
Heatwave Alert
Heatwave Alert: एक से डेढ़ घंटे धूप में रहना भी पड़ा भारी(photo-patrika)

Heatwave Alert: छत्तीसगढ़ में इस बार भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दिया है। अप्रैल से 15 जून तक लू की चपेट में आने वाले 1100 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया गया। ये आंकड़े राजधानी के डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार लू के मरीजों की संख्या करीब डेढ़ गुना बढ़ी है। तेज धूप, बढ़ते तापमान और लापरवाही के कारण हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़े हैं।

Raipur Heatwave News: एक से डेढ़ घंटे धूप में रहना भी पड़ा भारी

डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीज तेज धूप में महज एक से डेढ़ घंटे रहने के बाद बीमार होकर अस्पताल पहुंचे। मरीजों की हिस्ट्री में सामने आया कि दोपहर 1 से 2 बजे के बीच बाहर रहने वाले लोग ज्यादा प्रभावित हुए। शुरुआत में बुखार, सिरदर्द, शरीर में पानी की कमी और पसीना नहीं आने जैसी परेशानियां सामने आईं। कुछ मरीज बेहोश होकर भी गिरे।

मजदूर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग ज्यादा प्रभावित

लू की चपेट में आने वालों में ईंट भट्ठों, बिल्डिंग निर्माण में लगे मजदूर और राजमिस्त्री बड़ी संख्या में रहे। खुले में लंबे समय तक काम करने के कारण इन लोगों में हीट स्ट्रोक के मामले ज्यादा सामने आए। इसके अलावा जरूरी काम से दोपहर में बाहर निकलने वाले लोग भी लू से प्रभावित हुए।

46.2 डिग्री तक पहुंचा तापमान, कई जिलों में असर

इस गर्मी के सीजन में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 46 डिग्री के पार पहुंच गया। राजनांदगांव, रायपुर, दुर्ग, माना और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। अलग-अलग जिलों से रेफर होकर भी कई मरीज आंबेडकर अस्पताल पहुंचे।

Heat Wave Patients 2026: गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर तक की जरूरत

लू से प्रभावित कुछ बुजुर्ग मरीजों की हालत गंभीर हो गई, जिन्हें वेंटिलेटर और एमआईसीयू में भर्ती करना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार शरीर का तापमान 104 से 105 फॉरेनहाइट तक पहुंचने पर मल्टी ऑर्गन फेल्योर, सांस लेने में परेशानी और कोमा जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि राहत की बात रही कि राजधानी में लू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई।

डॉक्टरों की सलाह: दोपहर की धूप से बचें

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को गर्मी में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

Published on:
17 Jun 2026 07:09 am