
NEET UG Result Date: छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में NEET UG री-एग्जाम के बाद मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना है। 21 जून को हुई दोबारा परीक्षा के बाद अब जुलाई के अंत तक रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है। रिजल्ट आने के बाद सितंबर में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में प्रवेश के लिए काउंसलिंग शुरू हो सकती है। इस देरी का असर नए शैक्षणिक सत्र पर भी पड़ेगा और मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई सामान्य समय से देर से शुरू होने की संभावना है।
मेडिकल कॉलेजों में नए सत्र की शुरुआत सामान्यत: 1 या 16 अगस्त से होती है, लेकिन इस बार परीक्षा प्रक्रिया में देरी के कारण क्लास शुरू होने में समय लग सकता है। पहले ऑल इंडिया कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग होगी, इसके बाद स्टेट कोटे की सीटों के लिए शेड्यूल (NEET UG Counselling Schedule) जारी किया जाएगा। डीएमई डॉ. यूएस पैकरा ने बताया कि नीट यूजी में देरी के कारण काउंसलिंग प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 10 सरकारी और 5 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 2330 सीटें हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए 3 मई को NEET UG परीक्षा आयोजित की गई थी। बाद में नकल की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और प्रदेश के करीब 46 हजार छात्रों को री-नीट देनी पड़ी।
री-नीट (RE NEET UG 2026) के बाद जिन छात्रों का स्कोर बेहतर रहेगा, उन्हें एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना रहेगी। कम रैंक वाले छात्रों को बीडीएस सीट मिल सकती है। वहीं क्वालिफाई करने वाले छात्र केवल काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करीब 82 प्रतिशत सीटें स्टेट कोटे के लिए आरक्षित हैं, जबकि 15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया कोटे और 3 प्रतिशत सीटें सेंट्रल पूल के लिए होती हैं।
इस साल से प्रदेश में कई पैरामेडिकल कोर्स में भी प्रवेश NEET UG के माध्यम से किया जाएगा। इनमें बीपीटी (फिजियोथैरेपी), बीएओटी (ऑक्यूपेशनल थैरेपी), रेडियोथैरेपी टेक्नोलॉजी, मेडिकल लैबोरेटरी साइंस और हेल्थ इन्फॉर्मेशन सिस्टम जैसे कोर्स शामिल हैं। नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) के निर्देश के बाद सीधे प्रवेश की व्यवस्था खत्म की जा रही है।
प्रदेश में पैरामेडिकल कोर्स में पिछले दो साल प्रवेश नहीं दिया गया था। इसके कारण कई छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा। कुछ छात्रों ने निजी संस्थानों में प्रवेश ले लिया, जबकि कई सरकारी संस्थानों में प्रवेश का इंतजार करते रहे। अब नए नियमों के तहत कॉलेजों को सीधे प्रवेश देने की अनुमति नहीं होगी और प्रवेश प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होगी।