रामपुर

रिया गुप्ता निकली 3 बच्चों की मां ‘यास्मीन’! रामपुर में शादी के नाम पर ₹1 लाख की ठगी, असली आधार से खुला राज

Rampur Marriage Fraud: रामपुर में शादी के नाम पर ₹1 लाख की ठगी का सनसनीखेज मामला। हिंदू नाम रिया गुप्ता बताकर युवक से रचाया ब्याह, 3 दिन बाद असली आधार कार्ड ने खोला मुस्लिम दुल्हन यास्मीन का राज। जानिए पूरा मामला...
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Jun 16, 2026
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'रिया' निकली यास्मीन, शादी के 3 दिन बाद खुला दुल्हन का राज | फोटो सोर्स- X(@KhanPanchhi)

Rampur Marriage Scam: यूपी के रामपुर से शादी के नाम पर धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। यहां एक मुस्लिम महिला ने खुद को हिंदू बताकर एक युवक से शादी रचा ली। इतना ही नहीं, इस शादी के एवज में पीड़ित परिवार से ₹1 लाख भी ऐंठ लिए गए। शादी के सिर्फ तीन दिन बाद जब दुल्हन का असली आधार कार्ड सामने आया, तो दूल्हे के होश उड़ गए। 'रिया गुप्ता' बनकर घर आई दुल्हन असल में तीन बच्चों की मां 'यास्मीन' निकली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

₹1 लाख में तय हुआ था शादी का सौदा

यह पूरा मामला रामपुर के सिविल लाइंस इलाके का है। यहां रहने वाले पुनीत की शादी नहीं हो पा रही थी। इसी बीच पुनीत के मौसा की मुलाकात कल्लू और राम सिंह नाम के दो बिचौलियों से हुई। इन बिचौलियों ने बताया कि हरिद्वार की एक लड़की है, जिसका नाम रिया गुप्ता है और वह शादी के लिए तैयार है। लेकिन उन्होंने शादी कराने के बदले ₹1 लाख के खर्चे की मांग की है। पुनीत के परिवार ने घर बसाने की खुशी में 11 जून को बिचौलियों को पूरी रकम सौंप दी और पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों की शादी हो गई।

डॉक्टर के बहाने रची गई थी भागने की साजिश?

पीड़ित पुनीत ने बताया कि शादी के शुरुआती दो दिन तो सब कुछ ठीक रहा, लेकिन तीसरे दिन ही दुल्हन के नखरे शुरू हो गए। पुनीत के मुताबिक, तीसरे दिन उसने तबीयत खराब होने का बहाना बनाया और डॉक्टर के पास ले जाने को कहा। क्लिनिक पहुंचकर उसने मुझे कुछ देर के लिए बाहर भेज दिया। जब हम घर लौटे तो वह नखरे करने लगी। इसके बाद मैं अपने काम पर चला गया। आरोप है कि महिला घर से गहने और नकदी समेटकर रफूचक्कर होने की फिराक में थी। इसी बीच उसने खुद ही पुलिस हेल्पलाइन पर फोन करके हंगामा खड़ा कर दिया, ताकि वह सुरक्षित वहां से निकल सके।

मोबाइल के 'असली आधार' से खुला राज

जब पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू हुई, तो दुल्हन की बातों पर शक हुआ। जब उसका आधार कार्ड मांगा गया तो उसने फर्जी कार्ड दिखाया। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और उसका मोबाइल चेक किया, तो उसके फोन में उसका असली आधार कार्ड मिल गया। असली कागजात देखते ही सच सबके सामने आ गया। जिसे सब रिया गुप्ता समझ रहे थे, वह असल में बरेली की रहने वाली यास्मीन निकली। यास्मीन न सिर्फ पहले से शादीशुदा थी, बल्कि उसके बच्चे भी हैं। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने बच्चों को पालने के लिए इस गिरोह के साथ मिलकर लोगों को फंसाने और ठगने का काम करती थी।