रतलाम में प्रशासन कोरोना वायरस के संक्रमण को बढऩे से रोकने के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है। पहले तो यहां के अधिकारी संदिग्ध को सीमा पार करके आने से रोकने में असफल साबित हुए अब जब जरूरी सामान खरीदने के लिए छूट दी गई तो बाजार में बुधवार को उमड़ी भीड़ से सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करवा पाए। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान लगातार प्रशासन को सख्त होने की बात कह रहा है।
रतलाम. रतलाम में प्रशासन कोरोना वायरस के संक्रमण को बढऩे से रोकने के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है। पहले तो यहां के अधिकारी संदिग्ध को सीमा पार करके आने से रोकने में असफल साबित हुए अब जब जरूरी सामान खरीदने के लिए छूट दी गई तो बाजार में बुधवार को उमड़ी भीड़ से सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करवा पाए। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान लगातार प्रशासन को सख्त होने की बात कह रहा है। यहां तक की मंगलवार को ही गृह मंत्रालय ने इस मामले में सख्ती के आदेश जारी किए है।
कोरोना वायरस को लेकर जिले के अधिकारी कितने सतर्क है उसका ताजा उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला है। उज्जैन जिले के नागदा में जो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, उसके संपर्क में रहे लोग बीते 4 दिन से जिले में आकर छिपे बैठे थे और वह प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस व प्रशासन पहले से सतर्क व घर में बैठे लोगों के लिए फ्लैग मार्च निकालने को अपना कर्तव्य मानता रहा। इन सब के बीच रतलाम में एक संदिग्ध की मौत हो गई है।
बाजार से पुलिस गायब
एक तरफ दवा लेने से लेकर अस्पताल जाने वालों पर तो रतलाम की पुलिस व प्रशासन रोक रोक कर उठक बैठक करवा रहा है दूसरी तरफ जब बाजार में सोशन डिस्टेंस के पालन की जरुरत है, तब बाजार से पुलिस इस नियम को पालन करवाने में पूरी तरह से असफल साबित हुआ। यहां तक की बाजार में जहां भीड़ उमड़ी वहां से पुलिस थाने की दूरी चंद कदम ही है, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी लोगों को यह समझाने नहीं आया कि वे स्वयं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है।