
रतलाम। अगर आप मार्च माह में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी कार्य करने की सोच रहे है तो पहले यह जान ले कि अगले माह रतलाम में सरकारी बैंक लगातार छह दिन तक बंद रहेंगे। इसमे तीन दिन की हड़ताल तो शेष दिन राष्ट्रीय अवकाश शामिल है। 11 मार्च से 12 व 13 मार्च को बैंक की हड़ताल है। जबकि 10 मार्च को होली पर्व तो 14 मार्च को माह का दूसरा शनिवार व 15 मार्च को रविवार के चलते बैंक बंद रहेंगे। इसके चलते बैंक से जुड़ा कोई काममाज नहीं हो पाएगा। इसके लिए बैंक कर्मचारी 17 फरवरी से आंदोलन का आगाज करने जा रहे है।
यह सेवाएं होगी प्रभावित
यूनाइटेड फोरम के पदाधिकारियों के अनुसार बैंक कर्मचारी हड़ताल करने को मजबूर है। इस हड़ताल से बैंक में नकदी का जमा होना, रुपए निकालना, चेक का क्लीयर होना, कर्ज वितरण सहित मंडी में आरटीजीएस से जुडे़ कार्य प्रभावित होंगे। बैंक कर्मचारी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल जनवरी, फरवरी माह में कर चुके है।
पहले हुई है हड़ताल
बैंक कर्मचारियों ने वेतन में संशोधन की मांग के साथ पहले नवंबर 2019 में हड़ताल की थी। इसके बाद इसी वर्ष 8 जनवरी, 31 जनवरी व 1 फरवरी को हड़ताल की थी। मार्च माह की हड़ताल के साथ ही बैंक कर्मचारी मांग पर सुनवाई नहीं होने की स्थिति में 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात कह रहे है। इन हड़ताल के बीच निजी क्षेत्र की बैंक खुली रहेगी। आगामी 17 फरवरी को बैंक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। यह निर्णय शुक्रवार को बैंक ऑफ महाराष्ट्र स्टेशन रोड शाखा पर हुई बैठक में यूनाइटेड फोरम ने 17 फरवरी को काली पट्टी बांधकर काम करने का निर्णय लिया है।
पहले प्रदर्शन फिर होगा ज्ञापन
17 फरवरी को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन के बाद शाम को 6 बजे नगर निगम कॉलेज रोड स्थित विजया बैंक के बाहर विभिन्न मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान पीएम के नाम सांसद को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद २६ फरवरी को पॉवर हाउस रोड स्थित सिंडिकेट बैंक पर नारेबाजी शाम को 6 बजे की जाएगी। बैठक में मुख्य रूप से हरीश यादव, राजेश तिवारी, विजय कुमार सोनी, प्रकाश अग्रवाल, अमित गुप्ता, नितिन बैरागी, नरेंद्र जोशी, यश यादव, जवनिका पटेल, मनोज कटारिया, नरेंद्र पुरोहित, कृति चौबे, प्रितेश उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।
रतलाम में बैंक यूनियन की यह है मांग
- पेंशन का अपडेशन हो।
- परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार।
- स्टाफ वेलफेयर फंड का परिचालन लाभ के आधार पर बांटना।
- रिटायर होने पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर करना।
- शाखाओं में कार्यों के घंटे और लंच समय का सही से बटवारा।
- बेसिक पे में स्पेशल भत्ते का विलय हो।
- एनपीएस को खत्म किया जाए।
- बैंकों में पांच दिन का कार्यदिवस हो।
- बैंक यूनियनों की मांग है कि वेतन में कम से कम 20 फीसदी की वृद्धि की जाए।
- अधिकारियों के लिए बैंक में कार्य के घंटे का नियमतिकरण।
- कांट्रैक्ट और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट के लिए समान वेतन।
अब आरपार की लड़ाई का वक्त
अब सरकार के साथ आरपार की लड़ाई का वक्त आ गया है। मार्च में तीन दिन हड़ताल की जाएगी। सुनवाई नहीं हुई तो 1 अप्रैल से रतलाम सहित देशभर की सभी सरकारी बैंक में ताले लग जाएंगे। इसके अलावा 17 फरवरी व 26 फरवरी को विभिन्न बैंक के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
- राजेश तिवारी, बैंक यूनाइटेड फोरम