भाजपा के जय श्रीराम अभियान ने पोस्टकार्ड के दिन पलटे
रतलाम। मालवा में एक पुरानी कहावत है कि हर तीस साल में तो घूरे के भी दिन पलटते है। ये ही 50 पैसे कीमत वाले पोस्टकार्ड के साथ भी मध्यप्रदेश के रतलाम सहित देशभर में हुआ। भाजपा द्वारा देशभर में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पोस्टकार्ड लिखने के चलाए जय श्रीराम अभियान ने पोस्टकार्ड के दिन पलट दिए। पोस्टकार्ड एक माह में 500 भी नहीं बिकता था, वो अचानक से कई गुना अधिक खरीदा जा रहा है। जिस तेजी से पोस्टकार्ड की बिक्री अचानक से हो रही है, उससे डाक विभाग के कर्मचारी भी हैरान है।
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री बनर्जी के सामने जय श्रीराम बोलने पर कुछ लोगों को जेल में डालने के घटनाक्रम के बाद भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर पोस्टकार्ड लिखने के अभियान की है। भाजपा ने सीएम टू बंगाल के नाम चलाए इस अभियान में पोस्टकार्ड पर सिर्फ जय श्रीराम लिखने को कहा। भाजपा के कार्यकर्ता अलग-अलग मोहल्लों में इस आंदोलन को चला रहे है। इसकी शुरुआत डालूमोदी बाजार में भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के मधु शिरोडकर की उपस्थिति में राज्य के वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष हिम्मत कोठारी ने की। इसके बाद से ये आंदोलन गति पकड़ रहा है।
लगातार बढ़ रही बिक्री
जब से भाजपा ने आंदोलन की शुरुआत की, तब से रतलाम में तो इसकी बिक्री लगातार बढ़ रही है। जनवरी से जून 7 तक के रिकॉर्ड पर नजर डाले तो ये साफ हो जाएगा कि मई व जून में इसकी बिक्री में बढ़ोतरी अचानक हुई है। इसकी वजह अधिकारी भी भाजपा के आंदोलन को मानते है।
कार्ड कीमत से अधिक लागत
एक पोस्टकार्ड भले ही उपभोक्ता को 50 पैसे में मिलता हो, लेकिन इसके निर्माण में वास्तविक लागत करीब 8 रुपए की आती है। एक पोस्टकार्ड सरकार को 8 रुपए में पड़ता है। भाजपा के पोस्टकार्ड के प्रति इस प्रेम पर कांग्रेस ने सवाल भी उठाए है। कांगे्रस के अनुसार ई-मेल के जमाने में पोस्टकार्ड लिखकर पर्यावरण को भाजपा नुकसान ही पहुंचा रही है।
इस तरह समझे इसको
माह कुल बिक्री संख्या
जनवरी 312 करीब।
फरवरी 475 करीब।
मार्च 350 करीब।
अप्रैल 710 करीब।
मई 2700 करीब।
7 जून तक 622 करीब।
बढ़ती जा रही संख्या
पोस्टकार्ड मई व जून माह में अधिक बिक्री हुए है। इनकी संख्या में तेजी से प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। हमको इससे मतलब नहीं है कि इसको कौन व क्यों खरीद रहा है, मई में ये सबसे अधिक 2700 की संख्या में बिके है।
- आरडी कौरव, प्रभारी अधीक्षक, डाक विभाग