रतलाम

VIDEO JNU में नहीं BJP के प्रदर्शन में गूंजा आजादी का नारा

मध्यप्रदेश के रतलाम में भाजपा ने कांग्रेस सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया, इस दौरान अमूमन जेएनयू में सुने जाने वाले 'आजादी' के नारे को भी लगाया गया, भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'मिलकर लेंगे आजादी' और 'कमलनाथ से आजादी' के नारे लगाए.....

4 min read
Jan 25, 2020
slogan of azadi chanted during bjp protest in ratlam VIDEO

रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम में भाजपा ने कांग्रेस सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। इस दौरान अमूमन जेएनयू में सुने जाने वाले आजादी के नारे को भी लगाया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिलकर लेंगे आजादी और कमलनाथ से आजादी के नारे लगाए। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के रवैये से परेशान भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट परिसर का घेराव किया। धारा 144 के बीच आंदोलन की अनुमति चाहने पर इस बार प्रशासन भी अनुमति देने के लिए मजबूर हो गया। एेसे में दोपहर से भाजपा नेता व कार्यकर्ता यहां जमा होना शुरू हुए और फिर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की। इस बीच सांसद व विधायक सहित वरिष्ठ नेताओं ने अपनी बात कही और फिर अपर कलेक्टर जमुना भिडे़ को ज्ञापन सौंपा। इन सब के पहले सांसद जीएस डामोर को कांगे्रस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए।

भाजपा सांसद गुमानसिंह डामोर को शुक्रवार रतलाम में कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। सांसद डामोर रतलाम शहर में आयोजित भाजपा द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे थे। इस दौरान महू रोड बस स्टैंड से कलेक्टोरे तक तीन जगह पर सांसद को कांग्रेसियों ने काले झंडे दिखाए। सांसद को काले झंडे दिखाने के पीछे कारण कुछ दिन पूर्व रतलाम में मप्र विधानसभा नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव द्वारा अधिकारियों के खिलाफ दिया गया बयान था। दरअसल रतलाम में जिस मंच से भार्गव ने यह बयान दिया था, उस मंच पर सांसद गुमानसिंह डामोर भी मौजूद थे, जिसके चलते कांग्रेस ने उनके प्रति भी नाराजगी जताते हुए इन्हें काले झंडे दिखाए। पुलिस और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने युवकों को पकड़ झंडे छिन लिए। इस पूरे घटनाक्रम के दौराए एक झंडा सांसद की कार के भीतर भी फेंक दिया गया था, जिसे वाहन में आगे सवार व्यक्ति ने बाहर फेंक दिया था।

ज्ञापन को लेकर चलता रहा विवाद
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के लिए भाजपा नेता व कार्यकर्ता यहां जमा होने लगे थे। दोपहर १ बजे तक भाजपा के तीनों विधायक व सांसद सहित अन्य पदाधिकारी भी यहां पहुंचे और फिर प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया। शुरुआत में पार्टी के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ताओं ने मंच से अपनी बात कही। प्रदर्शन के बाद दोपहर करीब २.१५ बजे सांसद ने ग्रामीण एसडीएम प्रवीण कुमार फुलपगारे को ज्ञापन दिया, जिसे लेकर वह चले गए। इस बीच अन्य नेताओं ने बताया कि यह तो एसडीएम है, ज्ञापन कलेक्टर को देंगे, उसके बाद अन्य विधायक व वरिष्ठ नेताओं ने बखेड़ा कर दिया। कलेक्टर द्वारा ज्ञापन लेने नहीं आने पर भाजपा नेताओं का गुस्सा सिर चढ़ गया। पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने कहा कि जब कांग्रेस का ज्ञापन होता है तो कलेक्टर खुद ज्ञापन लेने आती है और हम आते है तो हमेशा भाग जाती है। मेडम का ये रवैया ठीक नहीं है। कलेक्टर नही है तो प्रभारी को बुलाआ। अपर कलेक्टर भी नहीं है क्या। यदि वो भी नहीं आती तो हम अंदर चले जाते है। मामले को बिगड़ता देख सीएसपी ने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की तो फिर एएसपी इंद्रजीत बाकरवाल और अपर कलेक्टर जमुना भिड़े यहां पहुंचे। बाद में भाजपाइयों ने एडीएम को ज्ञापन दिया।

सांसद ने दी अफसरों को चेतावनी
भाजपा के मंच से सांसद जीएस डामोर ने कहा कि राष्ट्र भक्त को राजगढ़ कलेक्टर द्वारा चांटा मारना ये राष्ट्र भक्त का नहीं भारत माता का अपमान है। हम ये अपमान नहीं सहन करेंगे। आज कांग्रेस का शासन है, कल बीजेपी का शासन होगा, जो-जो कांग्रेस का प्रवक्ता बनकर अधिकारी व कर्मचारी काम कर रहा है, आप भी समझ लेना कि जो काम कांग्रेस ने नहीं किया अब वो काम भाजपा करेगी और हम आपको छोडऩे वाले नहीं है।

बड़ा भ्रष्टाचार हुआ : विधायक
शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा कि माफिया के नाम पर पूरे प्रदेश में एक तरफा कार्रवाई की जा रही है। माफिया कौन है, कमलनाथ जी को स्वयं कलेक्टरों को निर्देश देना पड़े की माफिया पर कार्रवाई जब तक कमिश्नर के निर्देश न हो तब तक न करें। इस दौरान जावरा विधायक राजेंद्र पांडे, ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, जिलाध्यक्ष राजेंद्रसिंह लुनेरा, पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा, कन्हैयालाल मौर्य, मनोहर पोरवाल, जितेंद्र गेहलोत सहित कई नेता मौजूद रहे।

Updated on:
25 Jan 2020 02:36 pm
Published on:
25 Jan 2020 10:37 am
Also Read
View All