रेलवे ने कोरोना वायरस को देखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। जब तक इसका प्रभाव रहेगा तब तक कोच का तापमान को 23 से 25 डिग्री रखा जाएगा। इसके अलावा कंबल या बेडरोल देना रेलवे ने यात्रियों को बंद कर दिया है।
रतलाम. रेलवे ने कोरोना वायरस को देखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। कुछ दिन पूर्व इंदौर से चलने वाली कुछ ट्रेन में पर्दे हटाने का निर्णय हुआ था, अब इसी को आगे बढ़ाते हुए पश्चिम रेलवे की हर ट्रेन में से पर्दे हटाने का निर्णय ले लिया है। इसके अलावा जब तक कोरोना वायरस के प्रति सतर्कता के आदेश रहेंगे तब तक ट्रेन के वातानुकूलित डिब्बों का तापमान 23-25 डिग्री रखा जाएगा। गर्मी के दिनों में इसको घटाकर 16 से 20 डिग्री तक किया जाता है।
जब से कोरोना वायरस का अलर्अ जारी हुआ है, मंडल में विशेष सतर्कता रखी जा रही है। अब तक सेमीनार में इस बारे में बताया जा रहा था, अब स्टेशन पर पदस्थ रेल कर्मचारियों को इस मामले में अतिरिक्त सावधानी के आदेश हुए है। इसके लिए रनिंग विभाग के कर्मचारियों को अतिरिक्त सावधानी के बारे में मंडल रेल प्रबंधक विनित गुप्ता ने कहा है। DRM गुप्ता ने रनिंग कर्मचारियों को कहा है कि उनका संबंध सबसे अधिक ट्रेन में यात्रियों से होता है। इसलिए उनको इस मामले में अधिक कुशलता के साथ सतर्कता रखने की जरुरत है।
लगातार अवरनेस कार्यक्रम
कोरोना वायरस के लिए पश्चिम रेलवे में तो अवरनेस के कार्रूक्रम शुरू हो ही गए है, इसके अलावा मंडल में भी इसके लिए कार्य चल रहे है। रेलवे स्टेशन पर वाणिज्य व रनिंग विभाग के कर्मचारियों ने स्टॉल संचालकों को इस बारे में बताया है कि वे हाथ में दस्ताने पहनकर रखें व मुंह पर मास्क लगाए। इसके अलावा टिकट खिड़की पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी इस बारे में बताया गया है।
तापमान कम नहीं होगा
इधर पश्चिम रेलवे में बेडरोल देना ट्रेन के वातानुकूलित डिब्बों में देना बंद कर दिए है। इसके बाद वातानुकूलित डिब्बों में तापमान को अगले आदेश तक 25 डिग्री रखने के आदेश हो गए है। आमतोर पर जैसे जैसे गर्मी बढ़ती है एसी डिब्बों में तापमान को मैंटेन रखने के लिए कुलिंग को बढ़ाया जाता है। फिलहाल 31 मार्च तक ट्रेन के एसी डिब्बों में कुलिंग को 23 - 25 डिग्री सेल्सियस ही रखा जाएगा।