
Pehla Bada Mangal Ka Bhog : अगर आप भी हनुमान जी के भक्त हैं, तो साल 2026 आपके लिए खुशियों की सौगात लेकर आने वाला है। इस साल ज्येष्ठ का महीना कोई साधारण महीना नहीं है, बल्कि एक ऐसा महासंयोग बन रहा है जो पूरे 19 साल बाद लौटकर आया है। अमूमन ज्येष्ठ के महीने में 4 या 5 बड़े मंगल (जिन्हें बुढ़वा मंगल भी कहते हैं) आते हैं, लेकिन इस बार इनकी संख्या दोगुनी यानी कुल 8 होने वाली है।
इसका कारण यह है कि साल 2026 में ज्येष्ठ के महीने के साथ अधिक मास का मेल हो रहा है, जिससे यह महीना करीब 59 दिनों का होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि इसी दिन त्रेता युग में हनुमान जी की मुलाकात पहली बार प्रभु श्री राम से हुई थी। साथ ही इसी महीने में भीम का घमंड तोड़ने के लिए हनुमान जी ने एक वृद्ध वानर का रूप धरा था, इसीलिए इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है।
पहला बड़ा मंगल : 5 मई
दूसरा बड़ा मंगल : 12 मई
तीसरा बड़ा मंगल : 19 मई
चौथा बड़ा मंगल : 26 मई
पांचवां बड़ा मंगल : 2 जून
छठा बड़ा मंगल : 9 जून
सातवां बड़ा मंगल : 16 जून
आठवां बड़ा मंगल : 23 जून
बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए उनकी पसंद का खास ख्याल रखें:
बूंदी के लड्डू: मंगल दोष को दूर करने और जीवन में मिठास लाने के लिए बूंदी का प्रसाद सबसे उत्तम है।
इमरती या जलेबी: लाल रंग की रसीली इमरती हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है।
पान का बीड़ा: अगर आपका कोई काम लंबे समय से अटका हुआ है, तो प्रभु को मीठा पान (गुलकंद वाला) जरूर अर्पित करें।
तुलसी दल: याद रखें, बिना तुलसी के हनुमान जी भोग स्वीकार नहीं करते।
प्रो टिप: इस दिन चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को 'चोला' चढ़ाएं। इससे दुर्घटनाओं का भय खत्म होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
बजरंग बाण: संकटों को काटने का अचूक अस्त्र
बड़े मंगल के दिन हनुमान चालीसा के साथ बजरंग बाण का पाठ करना चमत्कारी माना जाता है।
समय: रात 11 बजे से 1 बजे के बीच इसका पाठ विशेष फलदायी होता है।
विधि: एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा रखें, घी का दीपक जलाएं और संकल्प लेकर पाठ शुरू करें।
फायदे: यह शत्रुओं पर विजय दिलाने, गंभीर रोगों से मुक्ति और शनि-मंगल के दोषों को शांत करने में मदद करता है।
ज्येष्ठ की भीषण गर्मी में केवल पूजा ही काफी नहीं है। इस दिन का असली फल 'सेवा' में छिपा है।
प्याऊ लगवाएं: राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना इस महीने का सबसे बड़ा दान माना जाता है।
भंडारा: उत्तर भारत, खासकर लखनऊ में बड़े मंगल पर जगह-जगह भंडारे आयोजित होते हैं। भूखों को भोजन कराना साक्षात हनुमान सेवा है।
पंखा दान: गर्मी से राहत दिलाने के लिए जरूरतमंदों को हाथ का पंखा या अन्य शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुओं का दान करें।