Sawai Madhopur : रणथम्भौर बाघ परियोजना की तर्ज पर अब एक बार फिर राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में पर्यटकों के लिए बोटिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है।
Sawai Madhopur :रणथम्भौर बाघ परियोजना की तर्ज पर अब एक बार फिर राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में पर्यटकों के लिए बोटिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। आमतौर पर यह सुविधा हर वर्ष एक अक्टूबर से प्रारंभ कर दी जाती है, लेकिन इस बार चंबल नदी में जलस्तर अधिक होने और लगातार बारिश के कारण वन विभाग ने एहतियातन अक्टूबर में बोटिंग शुरू नहीं की थी।
उल्लेखनीय है कि 26 अक्टूबर को राजस्थान पत्रिका ने एक माह बीतने के बाद भी शुरू नहीं हुई चंबल सफारी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
वन विभाग के अनुसार, इस वर्ष रणथम्भौर और राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य के लिए संयुक्त (कॉम्बो) टिकट जारी करने की योजना थी। इसके लिए विभाग ने प्रयास भी किए, लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीओआइटी) की ओर से आवश्यक सॉफ्टवेयर अब तक विकसित नहीं किया जा सका, जिससे यह योजना लंबित है। इसी कारण बोटिंग सुविधा भी निर्धारित समय से विलंब से शुरू हो पाई।
वन अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सॉफ्टवेयर अपडेट का कार्य प्रगति पर है। जब तक यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक पर्यटकों की सुविधा के लिए बोटिंग टिकट ऑफलाइन ही जारी किए जा रहे हैं। जल्द ही टिकट बुकिंग प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया जाएगा, जिससे पर्यटकों को और अधिक सुविधा मिल सकेगी। पर्यटकों के लिए पालीघाट पर बोटिंग शुरू कर दी गई है। जल्द ही टिकट प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
किशन कुमार सांखला, क्षेत्रीय वनाधिकारी, पालीघाट