
Sonbhadra News: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत संपन्न हुई एक शादी महज 10 महीने के भीतर टूटने की कगार पर पहुंच गई। निर्धन परिवार की एक युवती ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और घर से निकालने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, महिला का आरोप है कि परिवार परामर्श केंद्र में समझौते के प्रयासों के दौरान ही उसके पति ने दूसरी शादी भी कर ली। मामले में दुद्धी महिला थाना पुलिस ने पति समेत 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसकी शादी 24 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मूरता गांव निवासी रंगलाल के साथ हुई थी। शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार बदलने लगा।
पीड़िता का आरोप है कि सास रेमुन, ससुर जोधी, चचेरे देवर जगदीश और चचेरे ससुर जगमोहन उसे लगातार दहेज के लिए परेशान करने लगे। ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग की जाती थी और मांग पूरी नहीं होने पर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति रंगलाल शराब के नशे में अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। इसके अलावा गाली-गलौज करना भी आम बात हो गई थी। पीड़िता के अनुसार, पति और परिवार के अन्य सदस्य बाइक और सोने की चेन की मांग कर रहे थे। जब वह मांग पूरी नहीं कर सकी तो उसके साथ दुर्व्यवहार और बढ़ गया।
पीड़िता का कहना है कि लगातार प्रताड़ना के बाद उसे ससुराल से निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपने मायके में रहने को मजबूर हो गई। परिवार के लोगों और रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
मामला बाद में परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंचा, जहां रिश्ते को बचाने और पति-पत्नी के बीच समझौता कराने के प्रयास किए गए। हालांकि कई दौर की बातचीत के बावजूद दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
महिला की शिकायत के आधार पर दुद्धी महिला थाना पुलिस ने पति रंगलाल, सास रेमुन, ससुर जोधी, चचेरे देवर जगदीश और चचेरे ससुर जगमोहन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता और आरोपित पक्ष के बयान दर्ज किए जाएंगे तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसे मामलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।