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Iran-US Tension: फोन पर थे पाक पीएम, अचानक क्यों भड़क उठे ईरान के राष्ट्रपति? अमेरिका को भेज दिया साफ संदेश

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। हॉर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी और ईरानी जहाजों पर कार्रवाई से ईरान नाराज है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान किसी दबाव या धमकी में बातचीत नहीं करेगा और सिर्फ अपनी शर्तों पर ही कोई समझौता स्वीकार करेगा।
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Apr 26, 2026
Second Round of US-Iran Talks
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- AI)

अमेरिका ने ईरान को चारों तरफ से घेर लिया है। हॉर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी और ईरानी जहाजों पर कार्रवाई को लेकर वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पूरी तरह से भड़का है।

अमेरिका के साथ बढ़े तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह के दबाव, धमकी या सैन्य घेरे में बातचीत नहीं करेगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि देश केवल अपनी शर्तों पर ही कोई डील करेगा।

पाक पीएम से बातचीत में क्या कहा?

राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बातचीत के दौरान दिया। इस बातचीत में उन्होंने अमेरिका की नीतियों पर भी सवाल उठाए।

उनका कहना था कि बातचीत और संघर्ष विराम के दौरान भी अमेरिका की ओर से दबाव और सख्त रवैया जारी रहा, जिससे भरोसा कमजोर हुआ है।

समुद्री प्रतिबंधों पर अमेरिका से टकराव

ईरान का आरोप है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री प्रतिबंध और नौसैनिक कार्रवाई संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन हैं। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि यह कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना के भी खिलाफ है।

इन हालात में ईरान ने संकेत दिया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और किसी भी नए संघर्ष की स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार रहेगा।

क्षेत्रीय देशों के साथ रिश्तों पर जोर

पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करना चाहता है, खासकर फारस की खाड़ी के दक्षिणी देशों के साथ।

उन्होंने जोर दिया कि यह संबंध आपसी सम्मान और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांत पर आधारित होंगे। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि क्षेत्रीय देश बाहरी हस्तक्षेप से दूर रहकर शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करेंगे।

कूटनीति की कोशिशें और फोन पर बातचीत

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की है। इन चर्चाओं में क्षेत्रीय हालात और संघर्ष विराम को लेकर कूटनीतिक रास्तों पर विचार किया गया।

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कई अहम मुद्दों पर अटकी हुई है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दे, जबकि ईरान इसे सीमित अवधि के लिए ही स्वीकार करने की बात कहता है।

इसके अलावा अमेरिका ईरान के करीब 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण चाहता है, जिसे ईरान ने साफ तौर पर खारिज कर दिया है।

हॉर्मुज और आर्थिक दबाव

ईरान का यह भी कहना है कि जब तक अमेरिकी प्रतिबंध हटाए नहीं जाते, तब तक वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण बनाए रखेगा। वहीं, अमेरिका का रुख है कि जब तक समझौता नहीं होता, प्रतिबंध जारी रहेंगे।

इसके साथ ही ईरान ने प्रतिबंधों में राहत और करीब 20 अरब डॉलर की संपत्ति को अनफ्रीज करने की मांग रखी है। साथ ही अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई से हुए नुकसान के लिए लगभग 270 अरब डॉलर के मुआवजे की भी मांग की गई है।

Updated on:
26 Apr 2026 11:13 am
Published on:
26 Apr 2026 11:13 am