
US Missile Attack MT Jalveer: ओमान की खाड़ी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 20 भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे तेल टैंकर एमटी जलवीर पर अमेरिकी सेना (US Army) ने दो हेलफायर मिसाइलें दाग दीं। अमेरिका का आरोप है कि जहाज ईरानी तेल की ढुलाई कर रहा था और निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर हमले की वजह बताई है।
अमेरिका अपनी इस कार्रवाई को जायज ठहरा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर हमले की वजह बताई है।अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिका ने गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले M/T जलवीर जहाज के खिलाफ कार्रवाई की, जब वह ओमान की खाड़ी से ईरान का तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था। अमेरिकी सेना के निर्देशों को बार-बार न मानने पर, अमेरिका ने जहाज के इंजन पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं।
13 अप्रैल को नाकेबंदी शुरू होने के बाद से, CENTCOM की सेनाओं ने नियमों का पालन न करने वाले 9 जहाजों को बेकार कर दिया है, नियमों का पालन करने वाले 135 जहाजों का रास्ता बदल दिया है, और मानवीय सहायता ले जा रहे 42 जहाजों को गुजरने दिया है।
ओमान की खाड़ी में इस हफ्ते अमेरिकी सेना द्वारा हमला किया गया यह तीसरा कमर्शियल जहाज है। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को पलाऊ के झंडे वाले जहाजों 'एमटी मैरीवेक्स' और 'एमटी सेटेबेलो' को भी अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया था। इन पर भी ईरानी तेल परिवहन का आरोप था।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये हमले वहां तैनात अमेरिकी नौसेना ने किया है। हमारे बयानों में भी साफ किया गया है कि इन घटनाओं में शामिल तीनों जहाज विदेशी झंडे वाले हैं। मुझे यह भी पता है कि उनमें से दो जहाजों पर प्रतिबंध लगे हैं। एक जहाज नियमों का पालन न करने वाले जहाजों की श्रेणी में आता है।
इस घटना पर भारत के जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि 11 जून को, 20 भारतीय नाविकों वाला जहाज MT जलवीर ओमान के शिनास बंदरगाह के पास समुद्री सुरक्षा से जुड़ी एक घटना में शामिल था। सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। उन्हें शिनास बंदरगाह पर लाने का काम शुरू हो गया है। 6 और क्रू सदस्यों को वहां लाया जाना है।