
Venezuela 7.2 Magnitude Earthquake: वेनेजुएला और जापान में गुरुवार तड़के आए भूकंपों ने लोगों में दहशत फैला दी। वेनेजुएला में लगातार दो बड़े भूकंप दर्ज किए गए, जबकि जापान में भी धरती 6.9 तीव्रता के झटकों से कांप उठी। अचानक आए इन झटकों के बाद लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला में पहला भूकंप सैन फेलिप शहर से लगभग 24 किलोमीटर उत्तर-पूर्व (ईस्टर्न नॉर्थईस्ट) दिशा में आया। भारतीय समयानुसार यह सुबह 3:34 बजे दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 7.2 मापी गई। इसके ठीक एक मिनट बाद ही दूसरा और भी शक्तिशाली भूकंप युमारे कस्बे से लगभग 23 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में आया। इस झटके की तीव्रता 7.5 दर्ज की गई, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
वेनेजुएला के अलावा जापान में भी सुबह करीब 4 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.9 दर्ज की गई। अचानक आए झटकों के कारण लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। इस दौरान आंतरिक मंत्री डियोसडाडो कैबेलो और नेशनल असेंबली प्रमुख जॉर्ज रोड्रिगेज भी मौजूद रहे। राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए एक वरिष्ठ जनरल को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि प्रभावित इलाकों में समन्वित तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके।
भूकंप के बाद वेनेजुएला सरकार ने कई आपातकालीन कदम उठाए हैं-
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, वेनेजुएला एक अत्यधिक भूकंपीय सक्रिय क्षेत्र में स्थित है, जहां कैरेबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट एक-दूसरे से टकराती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप शैलो स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग के कारण आया। इस प्रक्रिया में टेक्टोनिक प्लेट्स एक-दूसरे से क्षैतिज रूप में रगड़ खाती हैं, जिससे अचानक ऊर्जा रिलीज होती है और धरती तेजी से कांप उठती है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह क्षेत्र अभी भी अस्थिर है और आने वाले दिनों में और झटके (आफ्टरशॉक्स) महसूस किए जा सकते हैं।
राष्ट्रपति कार्यालय और रिपोर्टो के अनुसार, पहले भूकंप के बाद से अब तक वेनेजुएला में 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं। इससे राहत और बचाव कार्यों में और कठिनाइयाँ पैदा हो रही हैं।
भूकंप प्रभावित इलाकों में कई इमारतें ढह गई हैं, और बड़ी संख्या में लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। राहत दल लगातार बचाव अभियान चला रहे हैं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। देशभर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, जबकि लोग अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।