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घर के सामने से नाबालिग चुरा ले गया था ट्रैक्टर

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी तथा जब्त ट्रैक्टर
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अनूपपुर

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Murari Soni

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Updated: 17 Dec 2017, 12:34 PM IST

The minor was stolen from the front of the house

The minor was stolen from the front of the house

अनूपपुर. बिजुरी नगरपालिका के वार्ड क्रमांक ११ छतहा मोहल्ला से १४-१५ दिसम्बर की रात अज्ञात चोरों द्वारा चुराए गए ट्रैक्टर क्रमांक एमपी १८एए ७०४६ को बिजुरी पुलिस ने १२ घंटे के अंदर ही १६ दिसम्बर को चोरी गए ट्रैक्टर के साथ नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया। बताया जाता है १४-१५ दिसम्बर की रात १७ वर्षीय आरोपी किशोर ने ट्रैक्टर को चुराकर अनूपपुर थाना से १० किलोमीटर दूर पसला गांव स्थित खांडा-पोंडी के जंगल में छिपा दिया था। चुराए गए ट्रैक्टर की कीमत पुलिस ने ४ लाख की आंकी है। थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार १५ दिसम्बर की सुबह ट्रैक्टर मालिक शाहिद उर्फ मोटू पिता अब्दुल सत्तार ने थाने में अपने घर के सामने से खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में ट्रैक्टर के चोरी होने की सूचना दर्ज कराई थी। विवेचना में पुलिस के सूचना मिली कि राजेन्दग्राम की तरफ का रहने वाला परिचित किशोर ट्रैक्टर के आसपास देखा गया था।
जिसके बाद पुलिस ने छानबीन में अनूपपुर मुख्यालय स्थित सोननदी पुल के पास संदिग्ध किशोर निवासी धनपुरी थाना राजेन्द्रग्राम को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर पसला गांव के खांडा-पोंडी के जंगल से ट्रैक्टर को जब्त किया। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह चौहान, सहायक उपनिरीक्षक आलोक सिंह, प्रधान आरक्षक उमेश तिवारी, संजीव त्रिपाठी, सनत द्विवेदी, राहुल प्रजापति, शकील रजा के साथ मिलकर सभी सदस्यों ने आरोपी के साथ साथ१२ घंटे के अंदर ट्रैक्टर को भी बरामद कर लिया।
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खुलेआम पत्थरों का अवैध खनन, अधिकारी मौन
कोतमा. कोयलांचल क्षेत्र के बसखली, निगवानी, डोंगरिया कला सहित दर्जनों गांवों में जमकर अवैध खनन का काम किया जा रहा है। खनन माफियाओं द्वारा जंगल एवं राजस्व की भूमि को भी खोदकर धरती का सीना छलनी कर रहे हैं। वहंीं खनन के बाद निकले पत्थरों व मुरमों को शासकीय कामों के साथ स्थानीय क्रेशरों में भी खपाया जा रहा है, लेकिन जंगल व राजस्व भूमि के खनन में खनिज विभाग की मिलीभगत के कारण विभाग ऐसे खनन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार जब भी कोई कार्रवाई की जाती है तो खनन माफियाओं के इशारे पर छोटी कार्रवाई कर कागजी खाना पूर्ति करा दी जाती है।
इससे खनन माफियाओं को लाभ तो होता ही है साथ ही विभाग के कागजी कार्रवाई भी पूरी हो जाती है। बताया जाता है कि क्षेत्र में पहले जहां दो से तीन क्रेशर नजर आते थे वहीं अब अवैध खनन द्वारा मिल रही सस्ती पत्थरों के कारण दर्जनों क्रेशर आसपास नजर आने लगे हैं। जिसमें क्षेत्र के खनन माफियाओं द्वारा खनन से निकाली गई पत्थरों को क्रेशरों के पास डम्प किया जाता है। तथा उससे बनी गिट्टियों को उंचे दामों पर आसपास के क्षेत्रोंं में बेचा जा रहा है।
जिनमें वर्तमान में बसखली गांव स्थित रोड के किनारे ही दिनदहाड़े पत्थरों की खुदाई कर पत्थरों को निकालने का काम जोरों पर चल रहा है। इसके अलावा पैरीचूहा, निगवानी, रेउला, मौहरी, सहित अन्य स्थानों पर माफियाओं द्वारा बारूद का उपेयाग कर पत्थरों को तोड़ा जा रहा है।