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‘अब लौटकर नहीं आएंगे छोटे भैया’, अनूपपुर में भाई की मौत के बाद मातम

Emotional Story: अनूपपुर जिले के देवरी चक्की टोला गांव में शनिवार को पसरा मातम...। पुलिस हत्या के एंगल से कर रही है जांच...।
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Emotional Story

Emotional Story- अनूपपुर में शनिवार को दुखद खबर से पूरे गांव में पसरा मातम। (फोटो पत्रिका)

Emotional Story: पिछले दो दिन से देवरी चक्कीटोला गांव में सभी लोग चिंतित थे। हर कोई छोटे भैया की ही चर्चा कर रहा था। वो अब तक घर नहीं लौटे थे। नर्मदा नदी से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में हर कोई एक-दूसरे से पूछ रहा था। खेत, खलिहान, नदी का किनारा आसपास के गांवों में भी परिजन ढूंढ रहे थे। लेकिन जब छोटे भैया की तलाश कर रहे बड़े भैया गांव पहुंचे तो वहां सन्नाटा छा गया। बड़े भैया ने रोते-रोते बताया कि छोटे भैया मिल गए…। लेकिन, वो हमेशा के लिए चले गए।

यह दुखद घटना अनूपपुर जिले के देवरी चक्कीटोला गांव में हुई है। इस गांव में जैसे ही छोटे भैया के मिलने की खबर फैली, पूरे गांव में मातम छा गया। घर से खेत पर काम के लिए निकले भैया कुएं में मृत पाए गए थे। 48 साल के रमेश सिंह का शव कुएं में मिला। वे 15 अक्टूबर सुबह 6 बजे खेत जाने का कहकर निकले थे। घर से तीन किमी दूर नर्मदा नदी के किनारे उनका खेत था। परिजनों ने बताया कि रमेश सिंह हर दिन की तरह खेत पर जाते थे और शाम को या रात को घर आ जाते थे। परिजनों को लगा कि वे किसी काम में व्यस्त होंगे, इसलिए देरी से आएंगे, लेकिन अगले दिन तक वे नहीं आए तो परिवार के लोगों की धड़कनें बढ़ गईं थी।

कैसे मिली भैया की लाश

परिजनों ने बताया कि खेत और नदी किनारे उनकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। 16 अक्टूबर की रात करनपठार थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। शनिवार सुबह बड़े भैया रमेश की तलाश में दोबारा से खेत की तरफ गए। किसान शिवचरण सिंह गोंड के खेत में बने कुएं के पास छोटे भाई के जूते दिख गए। उन्हें कुएं में छोटे भैया के होन की आशंका हुई। पुलिस को समाचार दिया गया। पुलिस पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

गले में गमछे से बंधे थे तीन पत्थर

एसडीआरएफ की टीम शनिवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई थी। जब गोताखोरों ने कुएं की छानबीन की तो उन्हें 20 फीट गहरे कुएं में शव नजर आया। शव के गले में गमछे से 20 किलो वजन के तीन पत्थर बंधे थे। काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। यह शव रमेश सिंह का ही था। बड़े भाई के आंसू छलक पड़े। वो रोते हुए अपने गांव गया और सभी को बताया कि छोटे भैया नहीं रहे। जिसने भी सुना उसकी आंखें नम हो गई थी।

हत्या के एंगल से जांच

इस मामले की जांच कर रहे उप निरीक्षक धनेश्वर पटेल ने बताया कि शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए बेनीबारी स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। परिजनों ने यह भी बताया कि रमेश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी। उन्होंने गांव में किसी से विवाद या दुश्मनी होने की बात से भी इनकार किया है। गले में पत्थर बंधे मिलने की स्थिति को देखते हुए पुलिस हत्या के एंगल से जांच में जुट गई है।