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पाकिस्तान में 500 हिंदुओं का होगा जबरन धर्म परिवर्तन

धर्मांतरण के लिए पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक बहुत बड़ा आयोजन किया जा रहा है। 500 लोगों को इस्लाम कबूल कराया जाना है।
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नई दिल्ली

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Kapil Tiwari

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Updated: 24 Mar 2018, 1:56 PM IST

hindu conversion  pakistan

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान अक्सर भारत पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाता है, लेकिन खुद उसी के यहां पर मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पाकिस्तान में रह रहे हिंदू परिवारों की स्थिति दयनीय हो गई है। उनपर आए दिन इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया जा रहा है। इस बीच खबर है कि 25 मार्च को पाकिस्तान में बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है।

इस्लाम कबूल कराने के लिए हो रहा है बड़ा आयोजन
ये धर्मांतरण राजस्थान से लगते पाकिस्तान के सिंध प्रांत में होने वाला है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, रविवार को 500 हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर वह हैं, जो पिछले कुछ समय में भारत से पाकिस्तान डिपोर्ट किए गए हैं। आपको बता दें कि धर्मांतरण के इस आयोजन के लिए पाकिस्तान में काफी समय से जोरशोर से प्रचार किया जा रहा है। धर्म परिवर्त के इस काम के लिए पाकिस्तान में बड़ा आयोजन किया जा रहा है।

पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति दयनीय
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, सिंध प्रांत के बॉर्डर से सटे मटाली गांव में ये धर्मांतरण का आयोजन किया जाना है। इनमें ज्यादातर उन्हीं लोगों के शामिल होने की संभावना है, जो भारत से पाकिस्तान डिपोर्ट कर दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इन लोगों को वहां काफी जलालत सहन करनी पड़ती है और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे कई मामले वह खुद देख चुके हैं।

2 साल में 968 हिंदू परिवार हुए हैं डिपोर्ट
आपको बता दें कि पिछले 2 साल के अंदर 968 हिंदू परिवार पाकिस्तान डिपोर्ट किए गए हैं। पाकिस्तान में इस तरह के आयोजन अक्सर होते रहते हैं, लेकिन इस बार कई तंजीमे मिलकर बड़े पैमाने पर यह आयोजन कर रही हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान से जो लोग भारत आते हैं, वे बहुत मजबूरी में आते हैं। सरकार ने सात वर्ष बाद नागरिकता देने का नियम बना रखा है।

पाकिस्तान में हिंदू परिवारों के उपर बहुत ही अत्याचार किए जाते हैं। कई इंटरनेशनल रिपोर्टस और सर्वे में इस तरह के खुलासे भी हो चुके हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का एकमात्र प्रयास इस बात का रहता है कि कैसे भी इन्हें डिपोर्ट कर दिया जाए। वापस पाकिस्तान जाने पर इनके साथ बहुत बुरा बर्ताव होता है।