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तालिबान का तेजी से बढ़ रहा दायरा, 6 दिन में 9 प्रांतीय राजधानियों पर किया कब्जा, भारत ने राजनयिकों सहित 50 नागरिकों को वापस बुलाया

फैजाबाद के हाथ से निकलने के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी अफगान सुरक्षाबलों में हौसला भरने के लिए मजार-ए-शरीफ पहुंचे। उन्होंने स्थानीय नेताओं से मदद मांगी। इस बीच, भारतीय राजनयिकों सहित कुल 50 भारतीय नागरिक एक विशेष उड़ान से अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ से नई दिल्ली पहुंच गए।  
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Ashutosh Pathak

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Updated: 12 Aug 2021, 11:13 AM IST

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नई दिल्ली।

तालिबान ने सिर्फ छह दिन में अफगानिस्तान की 34 में से 9 प्रांतीय राजधानियों पर कजा जमा लिया है। तालिबान के लड़ाकों ने बदख्शां प्रांत की राजधानी फैजाबाद पर कब्जा कर नागरिकों को खदेड़ दिया। बदख्शां तजाकिस्तान, पाकिस्तान और चीन से सीमा साझा करता है।

वहीं, फैजाबाद के हाथ से निकलने के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी अफगान सुरक्षाबलों में हौसला भरने के लिए मजार-ए-शरीफ पहुंचे। उन्होंने स्थानीय नेताओं से मदद मांगी। इस बीच, भारतीय राजनयिकों सहित कुल 50 भारतीय नागरिक एक विशेष उड़ान से अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ से नई दिल्ली पहुंच गए। पश्चिम में हेरात, दक्षिण में लश्करगाह और कंधार पर कजे के लिए भीषण जंग छिड़ी हुई है। फैजाबाद सहित सर-ए-पुल, शेबर्गन, ऐबक, कुंदुज, तालुकान, पुल-ए-खुमरी, फराह, जरंज प्रांतीय राजधानियां तालिबान हथिया चुका है। कुंदुज एयरपोर्ट के पास आर्मी बेस पर भी तालिबान का कब्जा है। कंधार में 30,000 से ज्यादा परिवार तंबुओं में दिन काट रहे हैं।

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जल्द ही काबुल पर होगा कब्जा
तालिबान की तेजी से अमरीकी खुफिया सेवा के अधिकारियों ने अंदेशा जताया है कि तालिबान एक से तीन महीनों में देश की राजधानी काबुल पर कब्जा कर सकता है। पहले 6 से 12 महीनों में ऐसा होने का अनुमान लगाया गया था। दूसरी ओर, तालिबान के प्रवक्ता यूसुफ अहमदी ने दावा किया है कि उनके लड़ाकों ने कंधार केंद्रीय जेल पर हमला कर सैकड़ों कैदियों को छुड़वाते हुए जेल को 'जीत' लिया है।

फैसले पर अफसोस नहीं - बाइडन
अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि उन्हें अमरीकी सेना की अफगानिस्तान से वापसी के फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। अफगान नेताओं को एकजुट होकर अपने देश की रक्षा करनी होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वादे के मुताबिक अमरीका अफगान बलों को मदद देना जारी रखेगा।

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वित्त मंत्री का इस्तीफा, देश छोड़ा
अफगानिस्तान के कार्यवाहक वित्त मंत्री खालिद पाइंदा ने पद से इस्तीफा दे दिया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पाइंदा ने न केवल पद छोड़ा है बल्कि, वे देश छोडक़र भी हमेशा के लिए चले गए हैं। उधर, सेना के प्रमुख जनरल वली मोह्मद अहमदजई को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। देश में तालिबान से निपटने के लिए उनकी जगह पर जनरल हैबतुल्ला अलीजई को अगला सेना प्रमुख बनाया गया है।