संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पांजब के मंत्री कोहन ने कहा कि एक समिति गठित की जाएगी जिसमें पंजाब के कानून मंत्री, प्रांतीय मुख्य सचिव और दूसरे प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति इस बात पर चर्चा करेगी कि कैसे इस त्योहार के दौरान नकारात्मक पहलुओं से बचा जा सकता है। मंत्री ने कहा कि यह समिति एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देगी। बता दें कि 2007 में जब इस त्योहार पर पाबंदी लगा दी गई थी तब कहा गया था कि कट्टरपंथी धार्मिक और जमात-उद-दावा जैसे आतंकी समूहों के दबाव में इस त्यौहार पर पाबंदी लगाई गई थी। कट्टरपंथी धार्मिक समुदाय का मानना है कि यह त्योहार मूलत: हिंदुओं और सिखों का है और यह इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ है।