25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भारत-अमरीका के बीच हुए 2 प्लस 2 वार्ता पर चीन ने जताई खुशी

बीजिंग ने ये भी आशा जताई कि दोनों देश क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए पहले से और ज्यादा प्रयास करेंगे।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Shweta Singh

•

Updated: 7 Sep 2018, 6:42 PM IST

china happy with 2 plus 2 talk between india and us

भारत-अमरीका के बीच हुए 2 प्लस 2 वार्ता पर चीन ने जताई खुशी

बीजिंग। भारत और अमरीका के बीच नई दिल्ली में संपन्न हुए वार्ता पर चीन की ओर से प्रतिक्रिया आई है। चीन ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत और अमरिका के बीच पहली बार हुए '2 प्लस 2' वार्ता को देख कर 'खुश' है। इसके साथ ही बीजिंग ने ये भी आशा जताई कि दोनों देश क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए पहले से और ज्यादा प्रयास करेंगे।

नई दिल्ली और वाशिंगटन ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर की थी चर्चा

आपको बता दें कि गुरुवार को हुए इस वार्ता के दौरान, नई दिल्ली और वाशिंगटन ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों ने अहम रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए और मुक्त व खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में काम करने पर प्रतिबद्धता भी जताई।

देशों के द्विपक्षीय संबंध से खुश

इस वार्ता पर चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान में कहा गया कि बीजिंग आशा करता है कि 'दोनों पक्ष हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने के लिए वास्तविक चीजें कर सकते हैं।' जानकारी के मुताबिक मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग से जब यह सवाल किया गया कि वह नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच हुए संचार, संगतता व सुरक्षा समझौते (सीओएमसीएएसए) के बारे में क्या सोचते हैं? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'जहां तक अमरीका और भारत के '2 प्लस 2' वार्ता का सवाल है, हमने रिपोर्ट देखी है। हम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध को देखकर बेहद खुश हैं। हम यह भी आशा करते हैं कि इस प्रक्रिया में वे लोग क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए और ज्यादा कार्य करेंगे।"

भारत-अमरीका के संबंध पर असहज चीन

गौरतलब है कि भारत और अमरीका हाल के वर्षो में रणनीतिक रूप से एक-दूसरे के करीब आए हैं। इन नजदीकियों पर को लेकर बीजिंग में असहजता की स्थिति है। यही नहीं जानकारी के मुताबिक बीजिंग का मानना है कि वाशिंगटन उसे काबू में करने के लिए नई दिल्ली (भारत) का इस्तेमाल करता है।