
शिनजियांग में तीन किमी लंबा डिटेंशन सेंटर मिला।
बीजिंग। चीन हमेशा से मुस्लिमों पर अपने अत्याचार की कहानी छिपाता रहा है। मानवाधिकार संगठन हर मौके पर दुनिया के सामने चीन का असली चेहरा सामने लेकर आया है। मगर ड्रैगन इन आरोपों को हमेशा से झुठलाता रहा है।
देश की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन करने और मुस्लिमों की संस्कृति मिटाने के आरोप लगते रहे हैं। इस बार ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटिजिक पॉलिसी इंस्टिट्यूट के इंटरनेशनल साइबर सेंटर से जुड़े नेथन रूजर ने सैटलाइट तस्वीर के जरिए दावा किया है कि शिनजियांग में तीन किमी लंबा डिटेंशन सेंटर मिला है।
धर्म से जुड़े अपराध पर हुई गिरफ्तारी
रूजर ने तस्वीर शेयर कर दावा किया कि यह सेंटर इतना बड़ा है कि यहां तीन डिजनीलैंड समा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर कैदी ज्यादातर लोगों के नाम पर धर्म और संस्कृति से जुड़े'अपराधों'से जुड़े हैं। इसके लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसमें इस्लामिक और उइगर समुदायों के लोग भी शामिल हैं। रूजर के अनुसार बीते साल नवंबर में इस सेंटर का एक किमी तक विस्तार किया गया।
एक हजार सांस्कृतिक महत्व वाली साइट्स गायब
इससे पहले रूजर दावा किया था कि शिनजियांग प्रांत में 16 हजार मस्जिदों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था। उनके गुंबद को पूरी तरह से गिराया और क्षतिग्रस्त कर दिया गया। शिनजियांग की एक हजार सांस्कृतिक महत्व वाली साइट्स को खोजा गया तो पता चला कि बड़ी संख्या में इमारतें गायब हैं।
संस्कृति और पहचान पर हमला
रिपोर्ट में दावा किया गया कि 2017 में हुई कार्रवाई में न सिर्फ 10 लाख से ज्यादा उइगरों को हिरासत में लिया गया, बल्कि उनकी संस्कृति और पहचान पर हमला बोला गया है। इसे सांस्कृतिक नरसंहार का नाम दिया गया। इसके तहत उइगर मुस्लिमों के धार्मिक स्थलों को मिटा दिया गया।
Updated on:
11 Oct 2020, 10:39 PM IST
Published on:
11 Oct 2020, 10:35 PM IST
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