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सबसे बड़ी वार्ता का काउंट डाउन शुरू, जानें किम और ट्रंप के बीच होने वाली ऐतिहासिक बैठक से जुड़ी 10 अहम बातें

किम और ट्रंप के बीच मुलाकात को लेकर सिंगापुर का करीब 100 करोड़ रुपए खर्च हो रहा है
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नई दिल्ली

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Saif Ur Rehman

•

Updated: 12 Jun 2018, 8:44 AM IST

kim

सबसे बड़ी वार्ता का काउंडाउन शुरू, जानें किम और ट्रंप के बीच होने वाली ऐतिहासिक बैठक से जुड़ी 10 बड़ी बातें

सिंगापुर। मंगलवार को उत्तर कोरिया के प्रमुख नेता किम जोंग उन और अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ऐतिहासिक शिखर वार्ता होने जा रही है। इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। विश्व भर से मीडिया के लोग सिंगापुर पहुंचे हैं। सुरक्षा बी चौक चौबंद की गई है। कहा जा रहा है कि बातचीत के एजेंडे में प्योंगयांग के परमाणु निरस्त्रीकरण का मुद्दा जोर-शोर से उठने की संभावना है।

ट्रंप-किम के बीच शिखर सम्मेलन की बड़ी बातें

1.) कैपेला होटल में होगी मुलाकात
किम और ट्रंप के बीच इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के लिए सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप पर दि कैपेला होटल को चुना गया है। सम्मेलन सिंगापुर के समयानुसार सुबह नौ बजे शुरू हो जाएगा। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शांगरिला होटल में ठहरे हैं। इससे आधे किलोमीटर के फासले पर उत्तर कोरिया के नेता पांच सितारा सेंट रेजिस होटल में रुके हैं।

2.) सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। पुलिस के साथ-साथ नेपाली गोरखों के कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है। मंगलवार को कार्यक्रम से जुड़े मुख्य स्थानों की तरफ जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शन के तमाम रूपों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिंगापुर के गृहमंत्री काशीविश्वनाथन शानमुगम के अनुसार करीब 5000 पुलिस अधिकारी और आपातकालीन में फौरन एक्शन में आने वाले सुरक्षाबलों को ड्यूटी पर लगाया गया है।

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3.) किस मुद्दे पर होगी वार्ता?
उम्‍मीद की जा रही है कि इस पहली मुलाकात में बातचीत का फोकस एरिया सिर्फ परमाणु निरस्त्रीकरण होगा। अमेरिका लगातार उत्तर कोरिया के परमाणु अभियानों का विरोध करता रहा है

4.) मीडिया का लगा जमावड़ा
कुछ वक्त पहले तक अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच जुबानी जंग छाई हुई थी। एक दूसरे पर दोनों ही देश आरोप-प्रत्यारोप करते। दोनों के बीच दुनिया भर की नजरें लगी हुई हैं कि आखिरी महामुलाकात में क्या होगा?। अमरीका, जापान और उत्तर कोरिया समेत कई देशों की मीडिया वहां पहुंची हुई है। सिंगापुर के संचार मंत्रालय के मुताबिक करीब 2500 पत्रकारों ने इस वार्ता को कवर करने के लिए पंजीकृत कराया है। हालांकि मीडियाकर्मियों को रिपोर्टिंग के लिए बैठक के अंदर जाने की अनुमति नही है

5.) खर्च होंगे करीब 100 करोड़
बताया जा रहा है कि किम और ट्रंप के बीच मुलाकात को लेकर सिंगापुर का करीब 100 करोड़ रुपए खर्च हो रहा है। सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली शियेन लूंग ने जानकारी दी कि उनका देश इस मुलाकात के लिए तकरीबन 20 मिलियन सिंगापुर डॉलर खर्च करने जा रहा है। भारतीय मुद्रा में ये रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक बनती है। इस रकम मेंस से आधा केवल सुरक्षा मद में खर्च किया जा रहा है।

6.) सिंगापुर में क्यों हो रही है बैठक?

सिंगापुर को इस बैठ के बार में अमरीका ने संपर्क किया था । सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने वाशिंगटन में कहा था, "इस मेज़बानी के लिए सिंगापुर ने अपना हाथ खुद खड़ा नहीं किया बल्कि अमरीकियों ने इसके लिए हमसे कहा था। उन्होंने कहा हम निष्पक्ष, भरोसेमंद और सुरक्षित हैं।" दुनिया भर में सिंगापुर को एक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर के तौर पर देखा जाता है जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनसभाओं पर करीब से नज़र रखी जाती है। सिंगापुर में अमरीका और उत्तर कोरिया दोनों ही देशों के दूतावास हैं

7.) मिशन शांति
राष्ट्रपति ट्रंप ने बैठक को शांति की ‘एकमात्र पहल ’बताया है। सम्मेलन से पहले ट्रंप ने किम जोंग उन के साथ बैठक के बारे में कहा था कि, "मुझे लगता है कि यह बैठक सफल होने जा रही है। मुझे नहीं लगता है कि यह सिर्फ एक बैठक तक ही सीमित रहेगी। यह कई दशकों तक चलने वाला है।

8.) पहली बार होगी मुलाकात

तानाशाह किम जोंग और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच ये पहली मुलाकात है। हाल ही में चीन में हुई बैठक के लिए वर्ष 2011 के बाद सत्ता संभालने के बाद पहली बार वहां गए थे।

9.) किम के काफिले में 20 से ज्‍यादा वाहन
किम की सुरक्षा को लेकर बरती जाने वाली सतर्कता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी काले रंग की लिमोजिन कार के साथ 20 से ज्‍यादा वाहनों का काफिला था। इन सभी कारों में सुरक्षा एजेंसियों के जवान सवार थे, ताकि किसी भी तरह के हमले को नाकाम किया जा सके। इसके अलावा किम के साथ उनके ‘रनिंग बॉडीगार्ड्स’ भी थे।

10.) ट्रंप देंगे किम को अमरीका आने का न्योता
अगर किम और ट्रंप के बीच वार्ता सफल होती है तो यह दुनिया भर के लिए राहत भरी खबर होगी। ट्ंप किम को अमरीका आने का न्योता दे सकते हैं उन्होंने यह भी कहा था कि यदि सिंगापुर वार्ता सफल रहती है तो वह किम जोंग उन को अमेरिका आने का न्यौता देंगे।