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इजरायली सेना में ज्यादा शामिल हो रही हैं लड़कियां, ये है कारण…

पिछले कुछ सालों में इजरायली सेना की लड़ाकू इकाइयों में ज्यादा से ज्यादा महिला योद्धाएं शामिल हो रही हैं।
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Sweta Pachori

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Updated: 21 Nov 2016, 12:44 PM IST

israel army

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येरूशलम। महिलाएं किसी भी मामले में अब पुरुषों से पीछे नहीं है। जो पुरुषों कर सकते हैं वो अब महिलाएं भी कर सकती हैं। इजरायली सेना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण बन रही है। पिछले कुछ सालों में इस सेना की लड़ाकू इकाइयों में ज्यादा से ज्यादा महिला योद्धाएं शामिल हो रही हैं।

4 साल में 3 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत हुई महिला सैनिक

चार साल पहले तक इजरायली सेना की लड़ाकू ईकाइयों में सिर्फ 3 प्रतिशत महिलाएं शामिल थी। अब सेना में महिला सैनिकों का आंकडा 7 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 2017 तक ये महिला सैनिकों का ये आंकडा 9.5 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। एक समाज की सोच में बदलाव और सेना में पुरुषों की सर्विस का कम होता समय। कम समय की इस सर्विस के लिए सैनिक मिलने में भी परेशानी आती है। इजरायली सेना यहां के समाज के दिल में बसती है।

हर यहूदी नागरिक सेना में अपनी सेवा देना चाहते है

ऐसा माना जाता है कि सभी यहूदी नागरिक इसमें शामिल होना चाहते हैं। इसी वजह से अब ज्यादा से ज्यादा युवा लड़कियां भी सेना में शामिल होकर खुद को खुशनसीब समझती हैं। इससे पहले भी इजरायल में 1948 में एक राज्य बनाया गया था। हगानाह जोकि देश की सेना का अग्रदूत था, इसमें भी महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इजरायली सेना में पुरुष सैनिक 18 साल के होने के बाद 2 साल 8 महीने काम कर सकते हैं। वहीं सेना में महिलाओं को सिर्फ 2 साल ही काम करना होता है।

इजरायली सेना में 2000 में बनाई गई थी मिक्स यूनिट

इजरायली सेना में शामिल हुई महिलाएं नर्स या रेडियो ऑपरेटर के रूप में काम कर रही है। इजरायल में महिला और पुरुषों की एक मिली-जुली यूनिट काराकल बटालियन को 2000 में बनाया गया। इस यूनिट में महिला और पुरुष दोनों सैनिक बिलकुल एक ही तरह के नजर आते हैं। इजरायल में ये वही साल था जब ये कानून बनाया गया था कि महिलाओं को पुरुषों की तरह किसी भी पद पर काम करने का अधिकार है। इजरायली सेना में काम करने वाली स्मादर कहती हैं कि जो पुरुष कर सकते हैं वो महिलाएं भी कर सकती है।

दुनियाभर की सेनाओं में महिलाओं के पास महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

25 साल की स्मादर कहती हैं कि सेना की सभी यूनिट में महिला और पुरुषों के मिले-जुले पद होने चाहिए। जो भी लड़ सकता है उसे ये पद मिलना चाहिए। इजरायल में ही नहीं बल्कि दूसरे देशों की सेना में भी महिलाओं की भागीदारी पिछले कुछ दशकों में बढ़ी है। आस्ट्रेलिया और कनाड़ा में महिलाओं को पुरुषों के बराबर अवसर दिए जा रहे हैं। अल्जीरिया में बहुत सी महिला जरनल हैं। जोरडन, लेबनन और ट्यूनीशिया में भी सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। सीरिया की लड़ाकू ईकाइयों में भी बड़े पदों पर महिलाएं हैं।इजरायली सेना 120,000 सैनिकों को शामिल करने पर विचार कर रही है। इसमें 85 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए होंगे।