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पाकिस्तान में भारतीय राजदूत तलब, सीमा पर गोलीबारी को लेकर जाहिर की नाराजगी

विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि नियंत्रण रेखा से सटे दाना सेक्टर में 18 अगस्त को भारत की ओर से गोलीबारी हुई थी।
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नई दिल्ली

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Shweta Singh

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Updated: 19 Aug 2018, 10:52 AM IST

pakistan summoned indian deputy high commision over ceasefire violation

पाकिस्तान में भारतीय राजदूत तलब, सीमा पर गोलीबार को लेकर जाहिर की नाराजगी

इस्लामाबाद। पाकिस्तान से सीमा विवाद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल पाक ने अपने अधिकृत कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। यही नहीं इसकी निंदा करते उसने शनिवार को वहां के भारतीय उप उच्चायुक्त जे.पी. सिंह को तलब किया। आपको बता दें कि नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी के चलते नागरिक की मौत हो गई थी।

गोलीबार में 65 वर्षीय शख्स की मौत

इस मामले में विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि नियंत्रण रेखा से सटे दाना सेक्टर में 18 अगस्त को भारत की ओर से गोलीबारी हुई थी। बयान के मुताबिक इस दौरान एक 65 वर्षीय शख्स की मौत हो गई, जबकि एक लड़का घायल हो गया। विदेश मंत्रालय के दक्षिण एशियाई डेस्क के महानिदेशक मोहम्मद फैसल ने इसी मामले में भारतीय राजनयिक को तलब किया। बता दें कि फैसल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता भी हैं।

मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान

मीडिया रिपोर्ट की माने तो फैसल ने कहा, 'सीमा पर भारतीय सेना लगातार भारी हथियारों के साथ घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बना रही है।' साथ ही सीमा पर और नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी का अपडेट देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि साल 2018 में भारतीय सेनाओं ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 1,900 से अधिक बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। उनके मुताबिक इन उल्लंघनों के परिणामस्वरूप 31 निर्दोष नागरिकों की मौत हुई है जबकि 122 अन्य घायल हुए हैं।

साल 2017 से ही भारत की ओर युद्धविराम के उल्लंघन के मामलों लगातार वृद्धि: पाक

उन्होंने अपने बयान में ये भी आरोप लगाया कि साल 2017 से ही भारत की ओर युद्धविराम के उल्लंघन के मामलों लगातार वृद्धि होती आ रही है। प्रवक्ता के मुताबिक नागरिक आबादी वाले क्षेत्रों को जानबूझकर निशाना बनाया जाना निंदनीय और मानव गरिमा, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और मानवीय कानूनों के खिलाफ है। गौरतलब है कि पाकिस्तान और भारत ने 2003 में संघर्षविराम घोषित किया था। हालांकि, दोनों एक-दूसरे पर इसका उल्लंघन करने का आरोप लगाते रहते हैं।