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यह है एशिया का सबसे विवादित क्षेत्र, ट्रंप ने समाधान के लिए रखा मध्यस्थता का प्रस्ताव

दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा जताने वालों में वियतनाम और फिलीपींस के अतिरिक्त ब्रूनेई, मलेशिया और ताइवान आदि देश शामिल हैं।
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Mohit sharma

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Updated: 12 Nov 2017, 4:18 PM IST

South China Sea issue

नई दिल्ली। अमरीका ने पांच एशियन देशों के बीच दक्षिण चीन सागर को लेकर चल रहे विवाद में मध्यस्थता कराने का प्रस्ताव रखा है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संबंधित देश यदि चाहें तो वह बिचौलिये की भूमिका निभाने को तैयार है। बता दें कि दक्षिण चीन सागर दुनिया का सबसे विवादास्पद मसला है। यह एक समुद्री व्यापारिक मार्ग है। जहां एक ओर आॅट्रेलिया, मलेशिया, फिलीपिंस और जापान जैसे देश पर इस पर अपना अधिकार जताते हैं, वहीं चीन इन देशों का दावा खारिज करते हुए इस पर अपना एकाधिकार सिद्ध करने में जुटा है। चीन ने पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में कृत्रिम द्वीपों का निर्माण कर लिया है। यही नहीं उसकी ओर से यहां आर्मी बेसों का भी निर्माण कर लिया गया है। अमरीका इस मसले को लेकर चीन का कड़ा विरोध करता आ रहा है।

चीन से केस जीत चुका फिलीपींस

दरअसल, एशिया के दौरे पर निकले डोनाल्ड ट्रंप ने वियतनाम में दक्षिण चीन सागर मसले पर मध्यस्थता कराने की बात कही है। ट्रंप आसियान देशों की बैठक में भाग लेने के लिए यहां से फिलीपींस जाएंगे, जो दक्षिण चीन सागर पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में चीन से केस जीत चुका है, लेकिन चीन अपनी हथधर्मिता के सामने न्यायालय के फैसले को मान नहीं रहा। यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अमरीकी राष्ट्रपति की ओर से यह प्रस्ताव तब रखा गया जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी हनोई में हैं। वहीं अपने जवाब में वियतनाम के राष्ट्रपति त्रान दाई क्वांग ने जल्द से जल्द इस मसले को सुलझाने की इच्छा जताई है। लेकिन उन्होंने इसके लिए इसके शांतिपूर्ण समाधान व अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुपालन की पैरवी की है। आपको बता दें कि दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा जताने वालों में वियतनाम और फिलीपींस के अतिरिक्त ब्रूनेई, मलेशिया और ताइवान आदि देश शामिल हैं।