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खरमास के बाद भी नहीं शुरू होंगे मांगलिक कार्य, जानें कब तक करना होगा इंतजार

malmas 2023 भगवान सूर्य के कल शनिवार 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास लग जाएगा और हिंदू धर्म के लोगों के यहां मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। लेकिन इन कार्यों के फिर शुरू होने के लिए मलमास के बाद भी इंतजार करना होगा तो आइये जानते हैं खरमास के कितने दिन बाद तक मांगलिक कार्य और विवाह मुहूर्त के लिए इंतजार करना होगा।
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Pravin Pandey

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Updated: 15 Dec 2023, 9:59 PM IST

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खरमास में नहीं बजेगी शहनाई कब शुरू होगा विवाह

खरमास में कौन-कौन कार्य वर्जित
प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही शुभ कार्य बंद हो जाते हैं। ये स्थिति लगभग एक माह तक बनी रहती है। इसी कारण इस महीने को खरमास भी कहते हैं। लेकिन खरमास खत्म होने के बाद भी मांगलिक कार्य शुरू नहीं हो पाएंगे और इसके लिए सूर्य के फिर मकर राशि में जाने का इंतजार करना होगा। इसके बाद शादी-विवाह, यज्ञोपवीत, मुंडन, गृह प्रवेश, नए मकान और संपत्ति खरीद, नए कारोबार, कर्णवेध, द्विरागमन, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य शुरू हो पाएंगे।


कब से शुरू होंगे मांगलिक कार्य
ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार 16 दिसंबर से धनु संक्रांति (मलमास/खरमास) होने के कारण विवाह मुहूर्त निषेध रहेंगे। खरमास की अवधि 13 जनवरी 2024 के बीत जाने के बाद माघ महीने के शुरू होने के बाद यानी 25 जनवरी 2024 के बाद ही शुभ विवाह मुहूर्त बनेंगे।


आचार्य वार्ष्णेय के अनुसार हिंदू धर्म मानने वाले लोग देवशयनी एकादशी से देवों के सोने के चार माह बाद देवप्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी के साथ विवाह इत्यादि मांगलिक कार्य शुरू करते हैं। क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह लग्न की शुद्धि में शुभ-मुहूर्त का विशेष महत्व होता है और गुरु-शुक्र अस्त, खरमास, होलिकाष्टक और पौष मास की अवधि में भी विवाह आदि मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।

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पौष मास में नहीं होंगे विवाह
अब देवप्रबोधिनी एकादशी 23 नवंबर 2023 से विवाह शुरू हो गए, लेकिन 16 दिसंबर 2023 से धनु संक्रांति (मलमास/खरमास) होने के कारण फिर विवाह मुहूर्त का निषेध रहेगा। इधर 13 जनवरी 2024 के अगले दिन मलमास खत्म हो रहा है। लेकिन 27 दिसंबर 2023 बुधवार से पौष मास का प्रारंभ होगा जो दिनांक 25 जनवरी 2024 तक रहेगा। पौष मास में भी विवाह मुहूर्त का निषेध होता है। अब 25 जनवरी 2024 के बाद ही शुभ विवाह मुहूर्त बनेंगे।

खरमास में क्या करें
यदि खरमास आपके लिए अनुकूल न हो तो नित्य प्रातः सूर्य देव को हल्दी मिलाकर जल अर्पित करें। इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। एक ताम्बे का छल्ला धारण करें। दिन की शुरुआत गुड़ खाकर करें। पूर्व दिशा की तरफ सर करके सोना शुरू कर दें।