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Pukhraj Gemstone: पुखराज रत्न का असर कितने दिन में दिखता है? जानें फायदे, पहनने की सही विधि और जरूरी सावधानियां

Pukhraj Gemstone Astrology: पुखराज रत्न को ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह से जोड़ा जाता है। जानिए इसका प्रभाव कितने समय में महसूस हो सकता है, इसके संभावित लाभ, धारण करने की विधि और जरूरी सावधानियां।

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भारत

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Manoj Vashisth

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ज्योतिषी डॉ शरद शर्मा

Jun 18, 2026

Pukhraj Gemstone, Yellow Sapphire Benefits

Yellow Sapphire Benefits: पुखराज रत्न का असर कितने दिन में दिखता है? जानें फायदे, पहनने की सही विधि और जरूरी सावधानियां (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Yellow Sapphire Benefits: पुखराज (Yellow Sapphire) को ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का प्रमुख रत्न माना जाता है। मान्यता है कि इसे सही सलाह और कुंडली के अनुसार धारण करने पर करियर, शिक्षा, विवाह और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि इसका प्रभाव व्यक्ति की जन्म कुंडली और ग्रह स्थिति पर निर्भर माना जाता है। ऐसे में जानते है ज्योतिषी डॉ शरद शर्मा से पुखराज का असर कितने समय में दिख सकता है और इसे पहनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पुखराज रत्न का असर कितने दिन में दिखता है?

लोग सोचते हैं कि पुखराज (Yellow Sapphire) पहनते ही चमत्कार हो जाएगा, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। ज्यादातर मामलों में इसकी ताकत आपकी कुंडली और ग्रहों की चाल पर निर्भर करती है।

  • कुछ लोग 10-15 दिन में ही हल्का-सा पॉजिटिव बदलाव महसूस करते हैं।
  • करीब एक-दो महीने में जिंदगी के फैसलों और करियर में फर्क दिखना शुरू होता है।
  • पुखराज को पूरी तरह एक्टिव होकर अपना पूर्ण प्रभाव दिखाने में 3 से 6 महीने का समय लग सकता है।

पुखराज रत्न पहनने के फायदे

अगर पुखराज आपकी कुंडली के हिसाब से सही बैठता है तो ये आपके करियर और किस्मत की पूरी तस्वीर बदल सकता है।

धन-करियर में फायदा: बिजनेस की सुस्ती दूर करता है, नौकरी में प्रमोशन के नए मौके मिलते हैं।

शादी में बाधा खत्म: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पुखराज को विवाह, शिक्षा और आर्थिक प्रगति से जोड़कर देखा जाता है।

मन साफ, फैसले अच्छे: ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार पुखराज पहनने से मानसिक शांति मिलती है और सोच समझने की ताकत देता है कई बार जिंदगी में बस यही चाहिए होता है।

पढ़ाई में सफलता: स्टूडेंट्स की एकाग्रता बढ़ाता है, यानी पढ़ाई में दिल लगेगा।

असली पुखराज की पहचान कैसे करें?

आजकल बाजार में नकली पुखराज ढूंढना आसान है कांच या सिट्रीन पकड़ा देते हैं और असली के दाम वसूलते हैं। ध्यान रहे, सरकारी लैब से सर्टिफाइड रत्न ही खरीदें, वर्ना फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो सकता है।

ऐसी मान्यता है कि रत्नों का रंग और उससे निकलने वाली किरणें हमारे शरीर की एनर्जी को छूती हैं। पुखराज से निकली पीली रोशनी दिमाग को एक्टिव रखती है। लेकिन आधुनिक विज्ञान ने अब तक पुखराज या अन्य रत्नों के ज्योतिषीय प्रभावों की पुष्टि नहीं की है। हालांकि रंगों और मनोविज्ञान पर कुछ अध्ययन उपलब्ध हैं।

पुखराज पहनते समय किन गलतियों से बचें?

जब भी पुखराज पहनें, तो इन गड़बड़ियों से बचें, वरना असर उल्टा हो सकता है—

बिना कुंडली देखे पहनना: हर कोई पुखराज नहीं पहन सकता। खासकर वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ लग्न के लोग तो बिना किसी एक्सपर्ट ज्योतिष के बताए बिल्कुल न पहनें।

खंडित या नकली रत्न: पुखराज में दरार हो या फिर वह असली ना हो, तो शुभ की जगह नुकसान होना तय है।

गलत धातु या सही ऊंगली भूलना: पुखराज हमेशा इंडेक्स फिंगर में पहनें सोने या पंचधातु में ही। चांदी में भूलकर भी मत पहनिए।

पुखराज धारण करने की सही विधि

अगर पुखराज पहनने जा रहे हैं तो गुरुवार की सुबह सबसे बढ़िया समय है। आधे घंटे soak करें उसे कच्चे दूध, फिर गंगाजल में। उसके बाद 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का जाप करें और मन में गुरू का ध्यान रखते हुए तर्जनी उंगली में पहन लें। याद रखें, पूरी श्रद्धा और सही तरीके से ही रत्न असली असर दिखाता है। बाकी सब नकल है।