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2021 में देवगुरु बृहस्पति की चाल, जानें किसे अपनी कृपा बरसाकर बनाएंगे धनवान और खुशहाल

2021 में देवगुरु बृहस्पति किस राशि में करेंगे प्रवेश, जानें यहां...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

•

Updated: 20 Dec 2020, 11:48 PM IST

Good And Bad Effects of DevGuru Brahaspati in 2021 on you

Good And Bad Effects of DevGuru Brahaspati in 2021 on you

ज्योतिष में बृहस्पति को एक शुभ व ताकतवर ग्रह के रूप में जाना जाता है। इन्हें जहां देवताओं के गुरु होना का दर्जा प्राप्त होने के चलते देवगुरु के रुप में जाना जाता है। वहीं इसी कारण इसे गुरु या साप्ताहिक वार में गुरुवार के नाम से भी जाना जाता है।

वहीं गुरु को विद्या का कारक ग्रह माना गया है। जबकि गुरु के संबंध में ये मान्यता भी है कि यदि किसी कुंडली में गुरु मध्य में हो, यानि यदि गुरु कुंडली के प्रथम भाव या चतुर्थ भाव या सप्तम भाव या दशम भाव में हो तो कुंडली के सभी दोषों को दूर कर कुंडली को दोष के असर से मुक्त बना देता है।

यहीं देवगुरु बृहस्पति नए साल यानि 2021 में अपनी नीच राशि मकर की यात्रा समाप्त करके 05 अप्रैल 2021 की मध्यरात्रि कुंभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं। और वे इस राशि में 13 सितंबर तक रहने के बाद वक्री अवस्था में पुनः मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जहां 20 नवंबर 2021 तक रहेंगे।

जबकि इसके बाद यह पुनः मार्गी अवस्था में कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। देवगुरु के इन राशि परिवर्तनों का प्रभाव सभी राशि के जातकों पर पड़ता दिख रहा है।

जिसके चलते यह लोगों के कार्य, व्यापार में हानि-लाभ के अतिरिक्त शासन सत्ता और न्यायिक प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है। कुल मिलाकर यह परिवर्तन जहां कुछ राशि वालों को लाभ के साथ सुकून प्रदान करता दिख रहा है, वहीं कुछ राशि वालों को गंभीर समस्या में भी फंसा सकता है।

2021 में बृहस्पति का प्रभाव
गुरु ब्रह्मविद्या और ज्ञान के प्रदाता हैं। वहीं सप्ताह में इनके दिन यानि गुरुवार के कारक देव श्री हरिविष्णु जी माने गए हैं। गुरु यानि बृहस्पति शादी,विवाह, संतान सुख, शिक्षा, प्रतियोगिता में सफलता, न्यायिक प्रक्रिया, आध्यात्मिक गुरुओं, तीर्थस्थानों, पवित्र नदियों, धार्मिक साहित्यों, अध्यापकों, ज्योतिषियों, दार्शनिकों, लेखकों, कलाकारों व वित्तिय संस्थानों में कार्यरत व्यक्तियों के कारक हैं। धनु और मीन राशियों के स्वामी गुरु कर्क राशि पर उच्च राशि के और मकर राशि पर नीच होते हैं।

कुंडली पर गुरु का प्रभाव
जन्म कुंडली में ये दूसरे, पांचवें, नवें और ग्यारहवें भाव के लिए अधिक शुभफल कारक माने जाते हैं। बलवान गुरु के प्रभाव वाले जातक दयालु, दूसरों की सहायता करने वाले, धार्मिक तथा मानवीय मूल्यों को समझने वाले बुद्धिमान होते हैं। ऐसे जातक कठिन हालात में भी विषयों को आसानी से समझ लेने की क्षमता रखते हैं।

ऐसे लोग सृजनात्मक कार्य करने वाले होते हैं, जिस कारण समाज में इनका विशेष सम्मान रहता है।

गुरु को प्रसन्न करने के सरल उपाय-
यदि गोचर बृहस्पति आपकी राशि के लिए अशुभ हैं तो गरीब व ज़रूरतमंद विद्यार्थियों की मदद करें। आम, बरगद, पीपल व अनार का वृक्ष लगाएं। महिलाएं कार्य उन्नति व उत्तम दामपत्य जीवन के लिए बृहस्पतिवार के व्रत रखें।

बृहस्पति का गायत्री मंत्र-
ॐ अंगिरो जाताय विद्महे वाचस्पतये धीमहि तन्नो गुरूः प्रचोदयात्। इस मंत्र काे प्रतिदिन स्नान के बाद एक माला जपें।

बृहस्पति के परिवर्तन के 12 राशियों पर प्रभाव - Effects of Jupiter

1. मेष राशि
संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नव विवाहितों के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के योग वरिष्ठों के लिए धार्मिक-मांगलिक कार्य का अवसर बनेगा। विद्यार्थियों को शिक्षा प्रतियोगिता में पूर्ण सफलता प्राप्ति के योग हैं।


2. वृषभ राशि
नौकरी में पदोन्नति व नए अनुबंध प्राप्ति के योग हैं। कार्य-व्यपार में लाभ के साथ ही आय के साधन बढ़ेंगे। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा होगा। सामाजिक कार्यों पर अधिक व्यय किंतु प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।

3. मिथुन राशि
सोची समझी सभी रणनीतियां कारगर सिद्ध होंगी। भाईयों में असहमति-अविश्वास का माहौल न बनने दें। विदेश यात्रा के योग के साथ ही धर्म-कर्म के मामलों में गहरी रूचि रहेगी। बुजुर्गों को पौत्र सुख की प्राप्ति के अलावा आय के साधन बढ़ने का सुख मिलेगा।

4. कर्क राशि
स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें। व्यावसायिक कार्यों में कुछ हद तक सफलता प्राप्त होगी। आकस्मिक धन लाभ के योग के बीच नौकरी में पदोन्नति के अवसर मिलेंगे। तीर्थाटन व सामाजिक कार्यों पर धन खर्च होगा।

5. सिंह राशि
मांगलिक कार्यों के सुअवसर के बीच शादी विवाह संबंधी वार्ता भी सफल रहेगी। नौकरी में मान - सम्मान और प्रभाव की वृद्धि की संभावना के बीच उच्चाधिकारियों से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सजक रहें, अधिक खर्च से बचना होगा।

6. कन्या राशि
गुप्त शत्रुओं से बचें, कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं। भाग दौड़ की अधिकता से तनाव बढ़ेगा। शादी विवाह में बज़ट से अधिक व्यय होगा। विदेशी कंपनियों में नौकरी अथवा नागरिकता के लिए आवेदन का बेहतर अवसर रहेगा।

7. तुला राशि
नए प्रेम प्रसंग की शुरुआत के योग के बीच हर तरह से सफलताओं के अच्छे अवसर मिलेंगे। नौकरी में पदोन्नति एवं नए अनुबंध प्राप्ति के योग की संभावना के साथ ही आय के भी अनेक साधन बनेंगे। परिवार के बड़ों से सहयोग प्राप्त होगा। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी।

8. वृश्चिक राशि
नौकरी में नए अनुबंध की प्राप्ति के योग अवसर हाथ से जाने न दें। प्रमोशन और स्थान परिवर्तन का प्रयास भी सफल रहेगा। पैतृक संपत्ति के लााभ की संभावना के बीच भौतिक सुख व वाहन के क्रय का योग भी है। लेकिन, कुछ पारिवारिक कलह व मानसिक अशांति भी रहेगी।

9. धनु राशि
कार्यक्षेत्र में भी प्रभाव बढ़ने की संभावना के बीच ही संतान संबंधी चिंता भी दूर होगी। साथ ही साहस पराक्रम में वृद्धि के अलावा विद्यार्थियों को शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता प्राप्ति के योग हैं। इस समय धर्म एवं आध्यात्म के प्रति गहरी रूचि रहेगी। विदेश यात्रा और विदेशी कंपनियों में नौकरी के भी योग हैं।

10. मकर राशि
इस समय आपके द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय होंगे। लेकिन, षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। विवादित मामले आपस में हल करें। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। किसी महंगी वस्तु का क्रय करेंगे। जमीन जायदाद के मामलों का भी निपटारा होगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

11. कुंभ राशि
इस समय सामजिक पद व प्रतिष्ठा बढेगी। उचित होगा अपनी योजनाओं और रणनीतियों को गोपनीय रखें। शादी विवाह के अलावा व्यापार के क्षेत्र में आ रही रुकावटें दूर होंगी। विद्यार्थियों को शिक्षा प्रतियोगिता में भी अच्छी सफलता के योग के बीच संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी।

12. मीन राशि
बारहवें बृहस्पति का गोचर प्रभाव अशांति और उलझने देगा। जिसके कारण अत्यधिक भागदौड़ और व्यर्थ व्यय का सामना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें। लेनदेन के मामलों में भी सावधान रहें। कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं तो बेहतर रहेगा।