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क्या आप भी जानना चाहते हैं अगले जन्म में क्या बनेंगे आप…? गरुड़ पुराण खोलता है कर्मों के राज…

गरुड़ पुराण में यह जानकारी भी दी गई है कि मनुष्य के कर्म ही उसके अगले जन्म का निर्धारण करते हैं। गरुड़ पुराण के आधार पर पत्रिका.कॉम आपको बता रहा है कि किन कर्मों के कारण अगले जन्म में पशु बनकर धरती पर आते हैं लोग...

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Sanjana Kumar

Feb 03, 2023

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धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि हर व्यक्ति को उसके कर्मों का फल मिलना निश्चित है। गरुड़ पुराण के मुताबिक मनुष्य धरती पर जो कर्म करता है, उसके आधार पर ही उसको फल मिलता है। गरुड़ पुराण में मनुष्य के कर्मों का लेखा-जोखा बताया गया है। आमतौर पर हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण तभी पढ़ा जाता है जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। इसके अनुसार व्यक्ति को अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर ही स्वर्ग या फिर नरक में जगह मिलती है। गरुड़ पुराण में यह जानकारी भी दी गई है कि मनुष्य के कर्म ही उसके अगले जन्म का निर्धारण करते हैं। गरुड़ पुराण के आधार पर पत्रिका.कॉम आपको बता रहा है कि किन कर्मों के कारण अगले जन्म में पशु बनकर धरती पर आते हैं लोग...

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- गरुड़ पुराण के मुताबिक जो व्यक्ति जीवनभर किसी को छल, कपट और धोखा देता है। वह व्यक्ति अगले जन्म में उल्लू बनकर जन्म लेता है।

- वहीं किसी की झूठी गवाही देने वाला मनुष्य अगले जन्म में अंधा बनकर पैदा होता है।

- जो व्यक्ति लूटपाट, जानवरों को सताना और शिकार करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, वह अगले जन्म में किसी कसाई के हाथों मृत्यु पाता है। इसका अर्थ यही है कि वह अगले जन्म में एक पशु के रूप में जन्म लेता है।

- गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता और भाई-बहन को प्रताडि़त करता है उसे जन्म तो मिलता है लेकिन उसकी मृत्यु गर्भ में ही हो जाती है, वह धरती पर नहीं आता।

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- यदि व्यक्ति विद्यावान होकर भी अपनी विद्या दूसरों को नहीं बांटता और उसे अपने तक ही सीमित रखता है तो ऐसा व्यक्ति अगले जन्म में मतिमंद होता है। उसकी संचित विद्या का खजाना आगे नहीं बढ़ पाता।

- यदि व्यक्ति अत्यंत गुस्सैल स्वभाव का है, उसमें बदला लेने की भावना है, तो मान्यता है कि वह अगले जन्म में सर्प की योनि में जाता है यानी वह सांप बनकर जन्म लेता है।

- यदि व्यक्ति धन के प्रति बहुत ज्यादा आसक्त है और वो अपने पैसे को खर्च नहीं करता है। इस मोह के कारण वह उस धन से अलग नहीं हो सकता है तो, ऐसा कहा जाता है कि वह अगले जन्म में सर्प बनकर उसके आसपास मंडराता रहता है।

- गुरु का अपमान करने वाले व्यक्तिके लिए नरक का रास्ता खोला जाता है। ऐसा व्यक्ति अगले जन्म में जल रहित वन में ब्रह्मराक्षस बनकर पैदा होता है।

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- जो पुरुष महिलाओं की तरह आचरण रखते हैं या उनकी आदतों और स्वभाव में महिलाओं की झलक दिखती है, तो ऐसे पुरुष अगले जन्म में स्त्री के रूप में जन्म लेते हैं।

- जो मनुष्य स्त्री की हत्या, गर्भपात या गाय की हत्या करता है, वह अगले जन्म में मूर्ख और कूबड़ा बनकर जन्म लेता है।

- गरुड़ पुराण के मुताबिक जो लोग महिलाओं का शोषण करते हैं, वे अगले जन्म में भयानक रोग से पीडि़त होते हैं।

- इसके अलावा अप्राकृतिक रूप से संबंध बनाने वाले लोग अगले जन्म में नपुंसक बनते हैं।

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- गरुड़ पुराण के मुताबिक जो व्यक्तिमृत्यु के समय भगवान का नाम लेता है, तो भगवान उस व्यक्ति के लिए मुक्ति का मार्ग खोल देते हैं। यही कारण है कि शास्त्रों में मरते समय राम का नाम लेना महत्वपूर्ण माना गया है।

- यदि व्यक्ति में धन का लालच नहीं है, उसके प्रति उदारवादी दृष्टिकोण है और धन का अच्छे कार्यों में नियोजन करता है तो, अगले जन्म में उसे अनायास ही धन की प्राप्ति होती है। वह उस धन को फिर अच्छे कार्यों में ही लगाता है।

- यदि व्यक्ति बुद्धिमान है, विद्या का दान करता है तो उसकी अंत: चेतना इस तरह की बन जाती है कि वह अगले जन्म में किसी भी विषय वस्तु को बहुत जल्दी सीख लेता है। इसके चलते उसे तीव्र बुद्धि या उच्च स्तरीय प्रज्ञा प्राप्त होती है।

- यदि कोई व्यक्ति बहुत अधिक आलसी स्वभाव का है। प्रमादी है और जो कम समय में किए जाने वाले काम को बहुत अधिक समय में करता है, तो वह अगले जन्म में अजगर बनता है।

- यदि कोई बहुत अधिक विषय-वासना में डूबा रहने वाला है, तो उसे काम की अधिकता के कारण अगले जन्म में मंदबुद्धिता प्राप्त होती है और वह अपनी समस्त ऊर्जा का सही उपयोग नहीं कर पाता है।

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