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यूक्रेन-रूस युद्ध का कारण हैं ये ग्रह, ज्योतिष आंकलन में निकल कर आई ये खास बात

- यूक्रेन रूस का युद्ध कब तक और इसका विश्व पर असर, जानें ग्रहों की नजर से- क्या ये बनेगा तीसरा विश्वयुद्ध?
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Deepesh Tiwari

•

Feb 25, 2022

Russia and Ukraine War Impact

Russia and Ukraine War Impact

यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में जहां पूरी दुनिया किसी भी तरह इस युद्ध को रोकने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं इस युद्ध के परिणाम को लेकर भी तमाम दुनिया चिंता में भी बनी हुई है।

वहीं युद्ध को लेकर भारत के अनेक ज्योतिषों की ओर से कई तरह की बातें कही जा रही हैं, ऐसे में ज्योतिष के जानकार एके शुक्ला का कहना है कि ये युद्ध यूक्रेन में एक नई व्यवस्था को जन्म देता दिख रहा है। उनके अनुसार तमाम ग्रहों की चाल को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि ये युद्ध जल्द ही खत्म भी हो जाएगा।

वहीं ज्योतिष के जानकार एसके उपाध्याय का कहना है कि मंगल शनि की युति गंभीर रहने के विषय पर पहले से ही ज्योतिष के जानकारों ने अपनी अपनी राय देनी शुरू कर दी थी। शनि के संंबंध में ये माना जाता है कि अत्यंत धीमी चाल का होने के कारण ये अपने परिवर्तन से पहले से ही अपना प्रभाव दिखाना शुरु कर देता है, वहीं राशि से जाने के कुछ समय बाद तक इसके प्रभाव का असर रहता है। रूस यूक्रेन का युद्ध इसी का प्रमाण है।

ऐसे में इस युति के दौरान युद्ध, प्राकृतिक आपदा सहित कई तरह की स्थितियों की बातें की गईं थी।

उनका कहना है कि 26 फरवरी 2022 से शुरु हो रही ये स्थिति 7 अप्रैल 2022 तक बनी रहेगी। इस दौरान मकर राशि में शनि व मंगल यूरोप सहित पूरी दुनिया में अशांति व अघोषित युद्ध की स्थिति बनी रहेगी, जिसका मुख्य कारण यूरोप के देशों की नीति हो सकती है।

वहीं विश्व के प्रमुख देशों में शस्त्रों की होड़ इस इसके बाद भी विश्व की शांति के लिए घातक बनती दिख रही है।

वहीं ज्योतिष के जानकार पंडित ए वाजपेयी के अनुसार शनि का मकर राशि में गोचर का असर सम्पूर्ण विश्व में देखने को मिलता है। इस दौरान रोग फैलने के अलावा युद्ध, अराजकता के साथ ही महंगाई भी बढ़ती है।

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यहीं स्थिति 1962 के अलावा 1992-93 में भी उत्पन्न हुई थी।

- वहीं भारत के मामले में भी शनि का मकर में प्रवेश हमेशा ही परेशानी वाला रहा है। ऐसा जब भी होता है भारत के आसपास तनाव की स्थिति पैदा होने के साथ ही युद्ध के हालातों का भी निर्माण होता है। शनि के मकर राशि में गोचर होते समय भी साल 2020 में भारत-चीन के मध्य विवाद से कई सैनिक हताहत हुए थे।

- शनि का मकर राशि में गोचर जब तक रहेगा, तब तक पूरे विश्व का माहौल अशांति पूर्ण रहने के साथ ही तनाव व युद्ध की स्थिति से भरा रहेंगा।
- शनि के साथ 27 फरवरी से मंगल का गोचर भी आरंभ हो जाएंगा जो और ज्यादा नुकसान दायक हो सकता हैं। मंहगाई के साथ, अराजकता, हिंसा, रक्तपात, प्राकृतिक आपदाएं बढ़ सकती हैं।

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दुनिया पर असर
यूक्रेन व रूस का ये युद्ध से वैश्विक बाजार में भारी उथल पुथल लाता दिख रहा है। इसके चलते तेल, सोना व चांदी सहित विभिन्न चीजों पर इसकी मार पड़ेगी। वहीं कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। जबकि विश्व के अनेक बाजारों में तेजी से गिरावट भी देखने को मिलेगी।

तीसरे विश्व युद्ध कर आहट तो नहीं!
यूक्रेन व रूस के युद्ध को लेकर ज्योतिष के जानकार पंडित सुनील शर्मा का कहना है कि ये युद्ध बहुत लंबा चलने की ओर ग्रह इशारा करते नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में ये मुमकिन है कि इसके पश्चात दुनिया मुख्य रूप से दो या तीन ग्रुपों में बंट जाए, लेकिन ये तीसरे विश्व युद्ध कर आहट तो कदापि नहीं है। हां ये मुमकिन है कि भविष्य में तीसरे विश्व युद्ध के विभिन्न कारणों में एक कारण के रूप में इस युद्ध को भी जोड़ दिया जाए। जबकि इस युद्ध के बाद पूरी दुनिया को एक बड़ी आर्थिक मंदी की चपेट में आने के भी संकेत हैं।