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मुस्लिम महिलाअों ने दिया बड़ा बयान, कहा- राम मंदिर ही बनेगा

राम नगरी अयोध्या मुस्लिम महिलाओं का हुआ सम्मलेन कई जनपदों से महिलाएं हुई शामिल
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अयोध्या

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Ruchi Sharma

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Updated: 6 Mar 2018, 1:36 PM IST

ayodhya

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अयोध्या. राम नगरी अयोध्या में मुस्लिम महिलाओं का सम्मलेन किया गया। जिसमें उत्तर प्रदेश से कई जनपदों से मुस्लिम महिलाएं शामिल हुई। इस सम्मलेन में मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय और तीन तलाक तथा राम जन्मभूमि पर राम मंदिर के निर्माण की चर्चा हुई। इस कार्यक्रम के बाद कई मुस्लिम महिलाओं ने भगवान राम के दर्शन के लिए विवादित स्थल पहुंची इसके पूर्व इस कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं के लिए कई बातें रखी गई। जिसमें मुस्लिम महिलाओं के हिफाजत के लिए पूर्णत: प्रतिबंधित सजा व मुआवजे का प्राविधान का समर्थन और बहु विवाह प्रथा पर रोक लगे तथा तालीम और तरक्की पर हर मुस्लिम महिलाओ का हक हो, मदरसों में लड़कियों को दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता है, मुस्लिम महिलाओं को कुरान के अनुसार आज आधुनिक समय के अंतर्गत पैत्रिक एवं पति की सम्पति में पूरा हक़ हो, मेहर वर्तमान समय के अनुसार तय किया जाए और उसका खाता खोला जाये और उसमें जमा किया जाये तथा तीन तलाक , महिलाओं का हक़ और वतन के तालीम के मामला शरीयत के नाम पर कानून की अवहेलना करने की वकालत करते है उन की जांच कर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाया जाये। मुस्लिम महिलाओं के सारे मामले भारतीय संविधान के प्राप्त अधिकारी एवं कानून के अनुसार तत्काल विशेष कोर्ट व्यवस्था के द्वारा हल किया जाए तथा राम राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण किया जाने को लेकर सभी मुस्लिम महिलाओं ने एक सुर में आवाज उठाई।

अयोध्या के विवादित स्थल ही राम जन्म स्थान है

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के महिला वर्ग की सयोजक सहनाज अफजल ने बताया कि हम चाहते है कि धर्म के नाम पर या राम के नाम पर कोई झगड़ा न हो और इस मसले का हल होना ही चाहिए और शांति से इस मामले का हल हमारे द्वारा हो इस पर हमारा भी हक है। पूरे देश में भाईचारा कायम हो। धर्म के नाम पर को झगड़े का प्रभाव कही-कही महिलाओं पर पड़ता है इसलिए अब यह झगड़ा और नहीं होना चाहिये। इस स्थान पर भगवा राम ने जन्म लिया है अगर इस स्थान पर मंदिर बनाते है तो कोई गलत नहीं है हम लोगों की संस्कृति एक है और हम लोगों में पूजा की पद्धति बदली है हम सब एक है।


इस सम्मलेन में हिस्सा लेने पहुंचे मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इन्द्रेश कुमार ने बताया कि राम जन्मभूमि पर राम जन्म स्थान है। बाबर के सेना पति ने राम मंदिर को तोड़ कर ढ़ांचा बनाने की कोशिश की थी इसलिए यह ढांचा गिराया गया जो लोग कहते है मस्जिद गिराया गया वह गलत है। मंदिर गिराया गया है। यह राम जन्म स्थान है और स्थान पर मस्जिद कभी बनी ही नहीं। इसे बाबरी मस्जिद कहना स्लाम का अपमान है। इसलिए यहां पर मंदिर बने अगर बगल में मस्जिद बनाना है तो अयोध्या फैजाबाद के बाहर जाकर कही भी बना सकते है।