
रामधन गबन पर बोले महंत धर्मदास। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Ram Mandir Donation Dispute Row Ayodhya:अयोध्या राम मंदिर दान विवाद केस में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। ट्रस्ट की बैठक 6 जुलाई को प्रस्तावित है। इस बीच महंत धर्मदास ने चंपत राय को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चंपत राय पावरफुल हैं, वो किसी की नहीं सुनते हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच महंत धर्मदास ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर तीखा हमला बोला। एक निजी चैनल से बातचीत में महंत धर्मदास ने कहा, '' चंपत राय पावरफुल हैं, साथ ही वह किसी की नहीं सुनते। अयोध्या में टिन्नू का बहुत भौकाल था। हड़पी हुई जमीन पर चंपत राय का कार्यालय है।''
उन्होंने दावा किया कि चढ़ावा विवाद में नाम सामने आने वाले टिन्नू यादव का अयोध्या में काफी प्रभाव था। महंत धर्मदास ने कहा कि लंबे समय तक उसका दबदबा बना रहा और इसी कारण कई मामलों पर समय रहते सवाल नहीं उठ पाए। वहीं उन्होंने एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके एक भक्त ने भगवान को चांदी का मुकुट अर्पित किया था, लेकिन इसके बदले कोई रसीद जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से दान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
महंत धर्मदास ने ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा को लेकर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि ट्रस्टी बनने के बाद उन्होंने संपत्ति अर्जित की। उन्होंने कहा कि इन सभी आरोपों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए, जिससे अगर कोई अनियमितता हुई है तो उसकी सच्चाई सामने आ सके।
महंत धर्मदास ने आरोप लगाया कि चंपत राय का कार्यालय ऐसी जमीन पर बना है, जिसे लेकर पहले से विवाद और कब्जे के आरोप लगाए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की भी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
बता दें कि पुलिस ने 26 जून को टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। इसके बाद कोर्ट की अनुमति से जेल में ही आरोपियों से पूछताछ की गई। बाद में अविनाश शुक्ला की कस्टडी रिमांड मंजूर होने पर शुक्रवार सुबह पुलिस उसे पूछताछ के लिए लेकर निकली। कई घंटे तक SOG कार्यालय में पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर कार बरामद की गई।
Updated on:
04 Jul 2026 12:46 pm
Published on:
04 Jul 2026 12:34 pm
