
Corruption : अयोध्या में लेखपाल को नही मिली रिश्वत तो गरीब महिला को बना दिया कागजों में करोड़पति
अयोध्या : योगी सरकार ( CM Yogi Adityanath ) की तमाम कोशिशों के बावजूद सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार का ग्राफ नीचे आने का नाम नहीं ले रहा है .ताज़ा मामले में अयोध्या ( Ayodhya ) में राजस्व विभाग के एक कर्मी ने ऐसा कारनामा किया है जिसे जानकार अब विभाग भी खुद को शर्मिंदा महसूस कर रहा है . एक बेहद हैरान करने वाले मामले में अयोध्या जिले की बीकापुर ( Bikapur ) तहसील क्षेत्र में जब एक लेखपाल को रिश्वत नहीं मिली तो एक गरीब विधवा के साथ ऐसी हरकत कर डाली जिससे राजस्व विभाग भी शर्मशार हो गया है। लेखपाल ने गरीब विधवा की सालाना आय 5 करोड़ रुपये दिखा दी।अब उसका गरीब बेटा कक्षा नौ की छात्रवृत्ति ( Scholarship ) के लिए भटक रहा है. सालाना आय करोड़ों में हो जाने के कारण उसका बेटा छात्रवृत्ति आवेदन नहीं कर पाया अब गरीब विधवा ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है.
अयोध्या के बीकापुर इलाके में एक लेखपाल ने आय प्रमाण पत्र पर गरीब विधवा महिला की सालाना आय पांच करोड़ दर्शा दी
बेहद हैरान करने वाला मामला जनपद के बीकापुर तहसील का है जहां पर भ्रष्ट तंत्र की चौखट पर एक गरीब के सपने का मजाक उड़ाते हुए एक लेखपाल ने मामूली हैसियत वाली तारा देवी को करोड़पति बना दिया।मुफलिसी से लड़ रही विधवा बेटे को छात्रवृत्ति दिलाना चाहती थी और इसी आस में उसने अपना आय प्रमाण पत्र बनवाने तहसील पहुंची। दौड़ भाग के बाद छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख 30 जुलाई को आय प्रमाण पत्र ( income certificate) भी जारी हुआ लेकिन नाराज लेखपाल ने उसकी वार्षिक आय पांच करोड़ दिखा दी।अब विधवा इंसाफ के लिए भटक रही है। सुनवाई ना होने पर सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है .विधवा महिला ने लेखपाल धीरेंद्र यादव पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है .
महिला के बेटे को नही मिली छात्रवृत्ति मदद के लिए सीएम से लगाई गुहार
दरअसल बीकापुर तहसील के मानापुर निवासी अमित ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। उसकी माता तारा देवी का आरोप है कि आवेदन पर रिपोर्ट लगाने के लिए लेखपाल ने रिश्वत मांगी. उसकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी जो मांग पूरा कर पाती.रिश्वत ना मिलने पर लेखपाल ने मनमानी रिपोर्ट लगा दी. लेखपाल ने कलम की ताकत का पूरा असर गरीब विधवा तारा देवी को दिखाया जबकि हकीकत में तारा देवी के पास मामूली खेती है और उससे ही परिवार का पालन पोषण होता है.जब इस मामले पर तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. रिश्वत मांगने की बात सही साबित हुई तो लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि प्रमाण पत्र में त्रुटि वश भी यह गलती हो सकती है . अब सवाल यही है कि अगर त्रुटी का ही मामला है तो त्रुटी सुधार क्यूँ नही की गयी आखिर क्यूँ एक लाचार बेबस महिला को सीम से मदद की गुहार लगानी पड़ी .
Published on:
2 Aug 2019, 6:08 PM IST
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