
rope way
अयोध्या. राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ऐलान किया कि रामनगरी को दुनिया की सबसे वैभवशाली और समृद्धशाली नगरी के रूप में स्थापित करेंगे। वैसे प्रदेश सरकार के तमाम विभाग अयोध्या का कायाकल्प करने में जुट गए हैं। रामनगरी में श्रीराम मंदिर का निर्माण भी शुरू हो चुका है। अब प्रदेश सरकार पर्यटकों को मूल सुविधाओं का लाभ भी देगी। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के साथ ही रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा। रोप-वे निर्माण के लिए नगर निगम ने विदेशी फर्म से संपर्क किया है। इस संबंध में स्विट्जरलैंड की एक फर्म के साथ नगर आयुक्त विशाल सिंह की बैठक हो चुकी है। इस बैठक के बाद रोप-वे बनाने को लेकर सर्वे शुरू किया जाएगा। सर्वे के आधार पर योजना की लागत का अनुमान लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं के राममंदिर तक आवागमन के लिए रोप-वे का निर्माण रामनगरी की सबसे बड़ी परियोजना मानी जा रही है।
वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनेगा रोप-वे
रामलला के दर्शन के लिए रोप-वे का निर्माण होने से आम लोगों के साथ-साथ वृद्धों और दिव्यांगजनों भी आसानी होगी। रोप-वे का निर्माण वृद्धों और दिव्यांगजनों के लिए सुविधाजनक साबित होगा। रामनगरी में नवनिर्मित बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और रामघाट में बन रहे पार्किंग स्थल से राममंदिर तक रोप-वे निर्माण की योजना है।
सर्वे के बाद होगा काम
स्विटजरलैंड की एक फर्म से हुई मीटिंग के बाद योजना को लेकर सर्वे शुरू किया जाना है। सर्वे के बाद ही योजना की लागत का अनुमान लगाया जाएगा और उसी के लिहाज से काम भी शुरू होगा। इसके लिए नगर आयुक्त श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से मंदिर परिसर में स्थान की मांग करेगा। नगर आयुक्त विशाल सिंह के अनुसार, राममंदिर की गरिमा के अनुरूप रामनगरी का विकास किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग बनाने की योजना पर कार्य चल रहा है।
पर्यटन सुविधाओं को ंसंवारा जाएगा
रोप-वे के साथ ही प्रदेश सरकार अयोध्या को पर्यटन के माध्यम से बड़ा केंद्र बनाने में लगी है। अयोध्या तीर्थ विकास परिषद यहां घाटों, मंदिरों और अन्य आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने की तैयारी में है। अयोध्या में हर गली, हर घर में मंदिरों को संवारा जाएगा। वहीं अयोध्या व आसपास के इलाके को प्राधिकरण अपनी सीमा में लेकर विकसित करेगा।
रामलला मंदिर में लगेगा 613 किलो कांस्य का घंटा
रामलला के अस्थाई मंदिर के लिए एक ऐसा घंटा भेंट किया गया है, जिससे ओम (ऊँ) की ध्वनि निकलेगी और जिसकी गूंज 10 किलोमीटर तक सुनाई देगी। 613 किलो का यह घंटा तमिलनाडु के रामेश्वरम से राजलक्ष्मी मांडा लेकर आईं हैं। भगवान राम को यह विशेष घंटा तमिलनाडु की लीगल राइट काउंसिल की ओर से बुधवार को भेंट किया गया। राम मंदिर में लगने वाले यह चार फीट ऊंचा है और इसकी चौड़ाई 3.9 फीट है।
बुलेट रानी के नाम से मशहूर हैं राजलक्ष्मी
श्रीराम मंदिर के लिए 613 किलो कांस्य का बना घंटा लाने वाली राजलक्ष्मी मांडा देश में बुलेट रानी के नाम से मशहूर हैं। वे विश्व की दूसरी महिला हैं, जिन्होंने 9.5 टन वजन खींचने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। रामरथ पर रखकर यह घंटा अयोध्या लाया गया है। 17 सितंबर को रामरथ यात्रा की शुरुआत हुई थी, जो सात अक्टूबर को 21 दिन में 10 राज्यों से होकर अयोध्या में पूरी हुई।
Published on:
07 Oct 2020 10:01 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
