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दोहरे हत्याकांड में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दोषी करार

मामले में कोर्ट 27 नवंबर को सुनाएगी सजा
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आजमगढ़

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Sunil Yadav

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Updated: 25 Nov 2017, 10:16 AM IST

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आजमगढ़. त्रिस्तरीय चुनाव के दौरान अतरौलिया में ब्लाक प्रमुख के चुनाव में हुए दोहरे हत्याकांड की सुनवाई पूरी हो गयी है। लगभग 7 वर्ष पूर्व हुए इस दोहरे हत्याकांड में जिला जज सैयद आफताब हुसैन रिजवी ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तिथि नियत की है।

बता दें कि अतरौलिया ब्लाक प्रमुख पद के लिए 22 दिसंबर 2010 को चुनाव हो रहा था। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी की तरफ से चंद्रशेखर यादव तथा बहुजन समाज पार्टी से लालजी सिंह मैदान में थे। दोपहर लगभग 12 बजे मेंबर श्याम बिहारी यादव मत देकर ब्लॉक से बाहर निकला। तभी लालजी समर्थकों से उसका विवाद हो गया।

तभी आरोपी शैलेश सिंह और पिंकू सिंह तथा अजय कुमार सिंह पत्रकार लालजी सिंह निवासी गोविंदपुर थाना अतरौलिया तथा विक्रम सिंह पुत्र रामदास सिंह निवासी भगतपुर थाना अतरौलिया में समाजवादी पार्टी के टेंट तक दौड़ा कर गोलियां चलाई। इस गोलीबारी में महेंद्र यादव निवासी जमीन नन्दना तथा राम अवध यादव निवासी बसावन पट्टी की मौत हो गई और श्यामबिहारी समेत चार लोग घायल हो गए।

मुकदमें में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने शुक्रवार को विक्रम बहादुर सिंह, शैलेश सिंह तथा अजय कुमार सिंह को हत्या तथा हत्या के प्रयास का दोषी पाया। मुकदमे में मृतक महेंद्र के भाई योगेंद्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

शव के अंतिम संस्कार यात्रा में शामिल शिक्षक की मौत


एक ही गांव में दो घटना होने पर शोक की लहर
आजमगढ़. जहानागंज थाना क्षेत्र के बरहतिर जगदीशपुर निवासी वृद्ध महिला के निधन पर वाराणसी में शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे अधेड़ शिक्षक की मौत हो गई। संस्कार यात्रा में शामिल कुछ लोग अंतिम संस्कार के लिए चले गए कुछ लोग अधेड़ शिक्षक का शव लेकर घर चले आए। क्षेत्र के बरहतिर जगदीशपुर निवासी 85 वर्षीय वृद्ध नथिया देवी की गुरुवार को निधन हो गया। लोग शव का अंतिम संस्कार करने के लिए वाराणसी जा रहे थे। शव यात्रा में शामिल इसी गांव के बालचंद यादव (59) पेशे से शिक्षक शव के पीछे एक कार में जा रहे थे। शव के पीछे-पीछे जा रहे थे कि जैसे सारनाथ पहुंचे कि अचानक तबियत खराब होने लगी। कार में मौजूद लोगों ने उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुछ लोगों ने वृद्धा के शव का अंतिम किया और कुछ लोगों ने अधेड़ शिक्षक के शव को लेकर घर चले आए। इस दो घटना से गांव में कोहराम मचा हुआ है।

Input-रणविजय सिंह