गरीबों का खाद्यान्न डकार रहे कोटेदारों पर कार्रवाई, डीएम ने दो दुकानों को किया निरस्त

गरीबों का खाद्यान्न डकार रहे कोटेदारों पर कार्रवाई, डीएम ने दो दुकानों को किया निरस्त

Devesh Singh | Publish: Sep, 07 2018 09:25:43 PM (IST) Azamgarh, Uttar Pradesh, India

खाद्यान और केरोसिन वितरण में अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने सरकारी गल्ले की दो दुकानों को निरस्त कर दिया है।

रिपोर्ट:-रणविजय सिंह
आजमगढ़। खाद्यान्न और केरोसिन वितरण में अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने सरकारी गल्ले की दो दुकानों को निरस्त कर दिया है। डीएम की इस कार्रवाई से कोटेदारों में हड़कंप मचा है। कारण कि पिछले एक पखवारे में चार दुकानें निरस्त की गई हैं।

निलंबित दुकानों में फूलपुर तहसील के मार्टीनगंज विकास खंड की मुंहचुरा ग्राम पंचायत, व लालगंज तहसील के पल्हना विकास खंड के कटाई ग्राम पंचायत की कोटे की दुकानें शामिल हैं। मुंहचुरा ग्राम पंचायत के कोटेदार सुरेंद्र कुमार और कटाई के कोटेदार सरोज देवी पर अनियमितता का आरोप जांच में सही पाया गया था।
मुंहचुरा के लोगों ने बीते दिनों कोटेदार पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय व जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने डीएसओ देवमणि मिश्रा को दुकान की जांच कराने का निर्देश दिया था। डीएसओ ने पूर्ति निरीक्षक विजय कुमार साहनी से दुकान की जांच करवाई तो केरोसिन व खाद्यान्न वितरण में अनियमितताएं मिलीं। ग्रामीणों का आरोप था कि कोटेदार एक माह छोड़कर राशन देता है। एक माह का राशन डकार जाता है। पूर्ति निरीक्षक ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से कोटे की दुकान को निरस्त कर दिया।
इसी प्रकार कटाई गांव के लोगों ने भी कोटदार पर अनियमिता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी व डीएसओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कोटेदार खाद्यान्न वितरण व मिट्टी तेल में धनउगाही करता है। इसके अलावा समय पर खाद्यान्न वितरण नहीं करता है। पूर्ति निरीक्षक विकास सिंह ने कोटे की दुकान की जांच की। जांच में अनियमितता पाए जाने पर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजा। इस पर जिलाधिकारी ने इस दुकान को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। लगातार चार दुकानों के निरस्तीकरण की कार्रवाई से कोटेदारों में हड़कंप की स्थिति है। अभी तक कोटे की दुकानों को निलंबित किया जा रहा था लेकिन जिलाधिकारी के कड़े रुख की वजह से अब कोटे की दुकानों को अनियमितता मिलने पर सीधे निरस्त कर दिया जा रहा है।

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