
वाराणसी. गोरखपुर व फूलपुर चुनाव में मिली हार के बाद से बीजेपी की फजीहत कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीजेपी के आजमगढ़ के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष सोफियान खान ने अब तक की बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अभी तक की सभी बीजेपी सरकार सुन्नी मुस्लिम विरोधी है।
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उन्होंने कहा कि बीजेपी ने आज तक सुन्नी समुदाय के नेता को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी है जबकि शिया समुदाय से आने वाले मुख्तार अब्बास नकवी , मोहसिन रजा, गैरूल हसन, हैदर अब्बास, तनवीर हैदर उस्मानी आदि नेताओं को बड़े पद पर आसीन किया गया है। सोफियान खान ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में बीजेपी को 9 प्रतिशत मुस्लिम मत प्राप्त हुए थे। यह चुनाव आयोग की रिपोर्ट से पता चलता है। शिया समुदाय का वोट एक प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि सुन्नी समुदाय के लोग भी बीजेपी के पक्ष में मतदान करते हैं इसके बाद भी बीजेपी में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं मिलती है। उन्होंने कहा कि गुजरात में भारी संख्या में मुस्लिम वोटरों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया है इसके बाद भी पार्टी में सुन्नी समुदाय की अनदेखी की जा रही है।
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मुस्लिम महिलाओं ने किया है तीन तलाक का समर्थन
सोफियान खान ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक पर बीजेपी के मुद्दे को अपना समर्थन दिया है इसलिए बीजेपी को इतना वोट मिला है। बीजेपी सोचती है कि उसे सिर्फ शिया समुदाय की मुस्लिम महिलाओं ने वोट दिया है जबकि ऐसा नहीं है। बीजेपी को शिया व सुन्नी दोनों समुदाय से मुस्लिम वोट मिला है इसके बाद भी पार्टी को सुन्नी समुदाय को उसका हक नहीं दे रही है।
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बीजेपी ने नहीं दिया ध्यान तो लोकसभा चुनाव 2019 में उठाना पड़ेगा नुकसान
सोफियान खान ने कहा कि बीजेपी ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया तो लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी को नुकसान उठाना होगा। उन्होंने कहा कि हम लोग जमीनी स्तर पर मेहनत करते हुए सुन्नी समुदाय के अधिक से अधिक लोगों को बीजेपी से जोडऩे में जुटे हैं, फिर भी पार्टी इस समुदाय पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी मुसलमानों के जातिगत मामलों में व मदारिस के खिलाफ अनर्गल बयान दे रही है इसके बाद भी यूपी सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है जिससे साफ हो जाता है कि शिया समुदाय को खुश करने के लिए ही ऐसा किया जा रहा है।
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