31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मौत का देखा VIDEO तो किसान की बेटी ने किया ऐसा कारनामा, US की टॉप यूनिवर्सिटी ने फ्री में पढ़ने को बुलाया

बेटी के पिता मऊ जिले में खेती का काम करते हैं। 17 साल की बेटी सरकारी स्कूल में पढ़ती है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

आजमगढ़

•

image

Ranvijay Singh

•

Updated: 30 Dec 2022, 4:56 PM IST

इसी छात्रा दाक्षायनी पांडेय ने तैयार  की है कार सुरक्षा प्रणाली

इसी छात्रा दाक्षायनी पांडेय ने तैयार की है कार सुरक्षा प्रणाली

कार में बच्चे की दम घुटने से मौत का वीडियो देखा तो किसान की बेटी ने कुछ करने का ठान लिया। इसके बाद इंटरमीडिएट की छात्रा दाक्षायनी पांडेय ने कार सुरक्षा प्रणाली पर काम शुरू किया। उसने एक ऐसा सैद्धांतिक मॉडल तैयार किया है जिससे पूरी दुनिया चकित है। अमेरिका के कैलिफोर्निया की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने उच्च शिक्षा के लिए दाक्षायनी को 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी है। 17 साल की दाक्षायनी सितंबर 2023 में बायो इंजीनियरिंग और एंटरप्रेन्योरशिपकी पढ़ाई के लिए अमेरिका जाएगी।

सरकारी स्कूल में दाक्षायनी ने की है पढ़ाई
मऊ जिले के दोहरीघाट निवासी दाक्षायनी पांडेय के पिता दिग्विजय नाथ पांडेय किसान हैं। परिवार की आर्थिक स्थित बहुत अच्छी नहीं थी। इसलिए उन्होंने बेटी दाक्षायनी सरकारी स्कूल में पढ़ाया। दाक्षायनी की प्राथमिक शिक्षा दोहरीघाट के प्राथमिक विद्यालय से हुई। यहां पांचवी पास करने के बाद आर्थिक समस्या को देखते हुए पिता ने मेधावी विद्यार्थियों को आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने वाले विद्या ज्ञान स्कूल सीतापुर में एडमीशन के लिए परीक्षा दिलाई। दाक्षायनी ने प्रवेश परीक्षा पास कर ली। अब वे वहीं से इंटरमीडिएट कर रही है।

हमेशा नंबर एक रही दाक्षायनी, आईआईटी दिल्ली में टॉप पर था मॉडल
पिता दिग्विजय नाथ पांडेय बताते हैं कि दाक्षायनी हमेशा से नंबर एक पर रही हैं। दाक्षायनी ने पहली बार अपना मॉडल आईआईटी दिल्ली में आयोजित इंडिया एट 75 नेशनल आइडिया -2021 में प्रस्तुत किया था। यहां मॉडल प्रथम स्थान पर रहा था। यहां तक की इवोल्ट नाम की एक ऑटो कंपनी ने दाक्षायनी को अपना ब्रांड अंबेसडर नियुक्त करने की पेशकश भी की थी।


12 की परीक्षा के बाद कैलीफोर्निया जाएगी दाक्षायनी
दाक्षायनी 12वीं की परीक्षा देने के बाद कैलिफोर्निया के लिए रवाना होगी। दाक्षायनी चाहती है कि यह किफायती कार रक्षा प्रणाली सभी कारों में लगे। ताकि फिर किसी मासूम की इस तरह दम घुटने से मौत न हो। फिलहाल वह एक प्रोजेक्ट ‘जेनीसाइंस’ पर काम कर रही हैं। यह बाक्स में एक प्रयोगशाला है, जो वास्तविक प्रयोगशाला में गए बिना ही छात्र को विज्ञान सिखाने में सहायक होगा।


कार सुरक्षा प्रणाली की क्या है खासियत
दाक्षायनी के मुताबिक वह 11वीं में पढ़ रही थी। उसी समय उसने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में मिशन प्रोटेक्टर नाम से ऐसी कार सुरक्षा प्रणाली पर काम शुरू किया जो एमक्यू-135 सेंसर पर आधारित है। यह सेंसर कार्बन डाईआक्साइड के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।

यह भी पढ़ेंः

पति गया विदेश तो महिला को हो गया किसी और से प्यार, प्रेमी अश्लील फोटो दिखाकर करता था ब्लैकमेल, और…


उसका सुरक्षा मॉडल एक माइक्रोकंट्रोलर और एक सर्वाे मोटर से जुड़ा है। कार में जैसे ही कार्बन डाईआक्साइड का स्तर बढ़ता है। सेंसर सर्वाे मोटर को अलर्ट संदेश भेजता है। सर्वाे मोटर तेजी से घूमने लगता है और कार की खिड़कियां स्वयं खुल जाती हैं। इससे दम घुटने से मौत की आशंका खत्म हो जाती है। दाक्षायनी ने आटोमोटिव सुरक्षा प्रणाली के पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया है।

बड़ी खबरें

View All

आजमगढ़

उत्तर प्रदेश