डा. विनय के मुताबिक आम तौर पर इसके लक्षण कम दिखाई देते है। संक्रमित व्यक्ति को एहसास ही नहीं होता कि वह संक्रमण का शिकार है। बुखार, थकान, भूख में कमी, मिचली, उल्टी करना, पेट में दर्द, पीला मूत्र, मिट्टी के रंग का मल, जोड़ों का दर्द, पीलिया आदि इसके प्रमुख लक्षण है। लक्षण दिखते ही हमें चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। यदि किसी को तेज संक्रमण है तो लक्षण संक्रमित होने के 2 सप्ताह से 6 महीने के बीच आने शुरू हो जाते है। क्रोनिक हेपेटाइटिस से सिरोसिस, लीवर फेेल होने अथवा लीवर कैंसर जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। क्रोनिक हेपेटाइटिस का शीघ्र उपचार जरूरी होता है।