2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्राइवेट लैब की रिपोर्ट में डेंगू, सरकारी डॉक्टर मानने को तैयार नहीं

पहले तो डेंगू बुजुर्ग, व्यस्क और नौजवानों में ही फैल रहा था, लेकिन अब ये बच्चों को भी अपना शिकार बना रहा है। बच्चों में डेंगू संक्रमण फैलने से परिजन चिंतित हो गए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बागपत

•

image

Nitish Pandey

•

Updated: 13 Oct 2021, 12:03 PM IST

test.jpg

बागपत. जिले में स्वास्थ्य विभाग की लाख कोशिश के बावजूद भी डेंगू का संक्रमण नहीं रूक रहा है। बड़ों को अपनी चपेट में लेने के बाद डेंगू अब बच्चों को भी अपना शिकार बना रहा है। बच्चों के लिए डेंगू खतरा पैरा कर रहा है। जिले के कई गांव में बच्चों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिनको चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। जिले के गांव सरूरपुर कलां में भी तीन बच्चों में डेंगू पुष्टि हुई हैं। डेंगू की पुष्टि होने से परिजन परेशान हो उठे हैं। परिजनों ने बच्चों को निजी अस्पतला में भर्ती कराया है। जहां पर बच्चों की हालत में सुधार है।

यह भी पढ़ें : 15 साल पुरानी गाड़ियों का जल्द कराएं दोबारा रजिस्टेशन, वरना देना पड़ेगा कई गुना टैक्स

महिला की मौत से हड़कंप

जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती जा रही है। डेंगू से बड़ौत में महिलाओं की मौत से स्वास्थ्य विभाग में जहां हड़कंप मच गया था। वहीं अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी से कई लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें डेंगू से हुई या अन्य बीमारियों के कारण इसका कोई पता नहीं चल सका है।

मौतों को डेंगू का कारण नहीं मान रहा विभाग

स्वास्थ्य विभाग इन मौतों को डेंगू के कारण नहीं मान रहा है। वहीं जिन लोगों की मौत हुई उनके परिजनों का कहना है कि मौत डेंगू के कारण हुई है। जिले में कई लोगों की मौत वायरल के कारण भी हो चुकी है। इस समय जिले के ग्रामीण इलाकों में गांव के सैकड़ों लोग डेंगू और वायरल की चपेट में हैं।

प्राइवेट जांच को नहीं मान रहे सरकारी डॉक्टर

परिजनों का कहना है कि सरकारी जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं होती। जबकि प्राइवेट जांच में डेंगू की पुष्टि होती है। सरकारी अस्पताल वाले प्राइवेट जांच के आधार पर इलाज नहीं करते। जिससे मरीज की हालत बिगड़ जाती है और उसकी मौत हो जाती है। अभी तक जिले में करीब 250 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं, जिनमें करीब 102 लोगों में डेंगू की पुष्टि प्राइवेट अस्पताल में हुई है। जबकि सरकारी अस्पताल वाले मना कर रहे हैं।

बच्चों की सेहत को लेकर परिजन चिंतित

डेंगू की पुष्टि के बाद परिजन मरीज का इलाज प्राइवेट अस्पतालों और दूसरे जिलों के अस्पतालों में करवा रहे हैं। हर रोज किसी न किसी बीमार में डेंगू की पुष्टि हो रही है। सरूरपुर कलां में तीन और बच्चों में डेंगू की पुष्टि होने से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। परिजन अपने बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हैं। वहीं सरूरपुर सीएचसी के प्रभारी डॉ.सतेंद्र का कहना है कि सरूरपुर कलां में बच्चों में डेंगू की पुष्टि हुई है। नमूने जांच के लिए मेरठ भेजे गए है। बच्चों का उपचार शुरू कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें : Vegetable Price Hike: सब्जियों के दाम में लगी आग, टमाटर के बाद प्याज और बैगन की कीमतें आसमान पर