
4 accused arrested by Garhwa police
बलरामपुर। बलरामपुर के संतोषीनगर निवासी गुमशुदा महिला रीना गिरी की हत्या (Reena Giri murder case) की गुत्थी झारखंड की गढ़वा पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने मृतका के ससुर, रिश्तेदार पति-पत्नी समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ससुर ने ही बहू की हत्या कराने अपने रिश्तेदार को 30 हजार रुपए की सुपारी दी थी। प्लान के अनुसार रीना गिरी को आरोपी अपने दोस्त के साथ कार में अपहरण कर गढ़वा ले गया था। यहां रात में हाथ-मुंह बांधकर कोयल नदी पर बने पुल से नीचे फेंक दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी।
इधर मृतका के पति व ससुर ने बलरामपुर थाने में उसी दिन उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। मृतका के भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने पति व ससुर को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। इसी बीच पति ने थाने में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में काफी बवाल मचा था।
गौरतलब है कि 30 सितंबर को झारखंड के गढ़वा स्थित बेलचंपा कोयल नदी पर बने पुल के नीचे एक अज्ञात महिला की लाश मिली थी। उसके दोनों हाथ बंधे (Reena Giri murder case) हुए थे। सूचना पर गढ़वा थाने के एसआई महेंद्र कुमार पासवान मौके पर पहुंचे और जांच की।
इसी बीच 6 नवंबर को सोशल मीडिया के माध्यम से मिले फोटो मृतका की पहचान सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झेराडीह निवासी रीना गिरी 25 वर्ष के रूप में उसके भाई बदला गिरी ने की।
उसने पुलिस को बताया कि उसकी बहन की शादी वर्ष 2021 में बलरामपुर जिले के ग्राम संतोषीनगर निवासी गुरुचंद मंडल पिता शांति मंडल से हुई थी। उसने बताया कि शादी (Reena Giri murder case) के बाद से ही सास संध्या मंडल व ससुर शांति मंडल द्वारा बहन से विवाद किया जाता था। वहीं जीजा गुरुचंद द्वारा बहन की हत्या कराने की धमकी दी जाती थी।
मृतका के भाई ने बताया कि बहन रीना गिरी 29 सितंबर को घर सल लापता हो गई थी। उस समय उन्हें पता नहीं चल सका था कि उसकी बहन के साथ क्या हुआ है।
उसे संदेह हो गया था कि पति व ससुर द्वारा ही अपने रिश्तेदार ग्राम जवाहरनगर निवासी रमेश मंडल व अन्य के सहयोग से बहन का अपहरण (Reena Giri murder case) कराया गया है। इसके बाद गढ़वा पुलिस ने मृतका के पति, ससुर व रिश्तेदार रमेश मंडल व उसकी पत्नी लतिका मंडल के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरु की।
पुलिस ने जब रमेश मंडल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने रीना गिरी की सुपारी लेकर अपने परिचित वीरू लकड़ा 55 वर्ष, ग्राम तिरूडीह उरांव बस्ती बलरामपुर के साथ मिलकर हत्या की बात स्वीकार की। उसने बताया कि रीना के ससुर शांति मंडल ने उसकी हत्या करने उसे 30 हजार रुपए की सुपारी दी थी।
आरोपी रमेश मंडल ने बताया कि रीना गिरी की हत्या (Reena Giri murder case) करने 30 हजार रुपए की सुपारी लेने के बाद वह 29 सितंबर को संतोषीनगर पहुंचा। यहां शांति मंडल ने उसे 18 हजार रुपए दिए। फिर उसने परिचित वीरू को कार लेकर बुलाया। वीरू वहां कार लेकर पहुंचा तो उसे 9500 रुपए दिए।
फिर रीना गिरी को घर से निकालकर कार में जबरदस्ती बैठाया और झारखंड की ओर निकल गए। रास्ते में कार रोक कर दोनों ने रीना के हाथ व मुंह बांध दिया, ताकि वह शोर न मचा सके। इसके बाद रात करीब 9.30 बजे गढ़वा में बेलचंपा पुल के ऊपर से उसे नीचे फेंक दिया। उसका मोबाइल भी उन्होंने नदी में फेंक दिया।
इसके बाद देर रात संतोषीनगर लौटे और बाकी बचे 12 हजार रुपए में से 10 हजार रुपए शांति मंडल ने उसे दिया। वहीं गुरुचंद मंडल व शांति मंडल ने बताया कि उन्होंने थाने में रीना की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
आरोपी रमेश मंडल ने बताया कि रीना गिरी (Reena Giri murder case) को कार में ले जाते समय धमकी दी कि जब उसका पति फोन करेगा तो वह बोले कि हम तुमसे बहुत दूर जा रहे हैं। मेरी चिंता मत करना।
उसने बताया कि यह प्लान उन्होंने पहले ही बना लिया था कि पति गुरुचंद मंडल रीना को फोन कर उसके द्वारा कही गई बातों को रिकॉर्ड कर लेगा और बाद में लोगों को सुना सकेगा कि पत्नी कहीं चली गई है। इससे उसके ऊपर कोई शक नहीं होगा।
गिरफ्तार (Reena Giri murder case) आरोपियों में बलरामपुर के जवाहरनगर निवासी रमेश मंडल पिता स्व. जितेन्द्रनाथ मंडल, उसकी पत्नी लतिका मंडल, ग्राम जवाहरनगर निवासी मृतका का ससुर शांति मंडल तथा वीरू लकड़ा 55 वर्ष, ग्राम तिरूडीह उरांव बस्ती बलरामपुर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त कार क्रमांक सीजी 30 एफ- 3479 व 2 मोबाइल जब्त किया है।
गौरतलब है कि रीना गिरी (Reena Giri murder case) की गुमशुदगी की रिपोर्ट पति व ससुर ने 30 सितंबर को बलरामपुर थाने में दर्ज कराई थी। इधर मृतका के भाई द्वारा पति व ससुर पर हत्या का संदेह जताए जाने पर पुलिस उन्हें थाने बुलाकर कई बार पूछताछ कर चुकी थी।
जब पुलिस ने 24 अक्टूबर को गुरुचंद मंडल व उसके पिता शांति मंडल को थाने में बुलाया तो लॉकअप में गुरुचंद मंडल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस पर परिजनों ने हत्या (Custodial death) कर शव लटकाने का आरोप लगाया था।
इसके बाद थाने में काफी बवाल मचा था। समाज के लोगों ने थाने पर पथराव करने के अलावा पुलिस अधिकारियों से मारपीट भी की थी।
Published on:
13 Dec 2024 06:48 pm
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