
बांदा के बबेरू कोतवाली पुलिस ने सरकारी विद्यालय की लगभग 10 क्विंटल किताबें कबाड़ी की दुकान से बरामद की हैं। किताबों की कीमत लगभग 10 लाख रुपए की है। सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह के अनुसार और भी स्थानों में किताबें मिल सकती हैं। दो लोंगो के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में सर्वशिक्षा अभियान के तहत गरीब निर्धन बच्चों को पढ़ाई करने के लिए फ्री में करोड़ो रुपए कि निशुल्क किताबों कि व्यवस्था कराई है, लेकिन आश्चर्य कि बात यह कि बांदा के बबेरू मे इन किताबों का वितरण नहीं हुआ। बबेरू तहसील में लगभग 400 प्रथमिक विद्यालय हैं।
आरोपियों को मिले आतंकी जैसी सजा- विधायक
इस मामले पर बांदा विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा, “बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करना उनको सरकारी साधन तक ना पहुंचने देना एक प्रकार से तालिबानी हुकूमत कि तरफ इशारा करता है। यह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के बराबर है। ऐसे व्यकित को वही सजा दी जानी चाहिए, जो एक आतंकी को मिलती है।
प्रशासन को दे दी गई है जानकारी- शिक्षा अधिकारी
शिक्षा अधिकारी प्रिंसी मौर्या ने कहा, “यह मात्र 2 विद्यालयों की किताबें थीं। ये बबेरू में नहीं बाटीं गईं तो लाखों रुपए का घालमेल हुआ है। इसकी जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। प्रशासन इस धोखाधड़ी में किस-किस को दोषी मानता है। ये जांच का विषय है।”
यह मामला बबेरू कस्बे के तिंदवारी रोड पेट्रोल पंप के पास का है। जहां पुलिस ने बीते रविवार की रात करीब 9 बजे कबाड़ की दुकान से लगभग 10 क्विंटल किताबें बरामद की हैं। पुलिस ने मौके पर कबाड़ी सद्दाम पुत्र इमाम अली को गिरफ्तार कर बबेरू कोतवाली में पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया, “नोडल संकुल प्रभारी हरदौली के कहने पर किताबों बिक्री की गई है। इन किताबों को कानपुर बेचने के लिए जा रहे थे।” पुलिस आरोपी सद्दाम पुत्र इमाम अली और नोडल संकुल प्रभारी हरदौली विवेक कुमार के खिलाफ IPC 403, 409, 411,413 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
Updated on:
8 Feb 2023, 6:20 PM IST
Published on:
8 Feb 2023, 6:19 PM IST
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