
Due to non-construction of bridge Yamuna crossing by boat 40 people drowned due to negligence of government and officers
बांदा में बबेरू के मर्का और फतेहपुर में असोथर के रामनगर कोहाना क्षेत्र के लोगों का सफर आसान करने के लिए यमुना पर पुल निर्माण की अधारशिलाा वर्ष 2011 में बसपा शासनकाल में रखी गई थी। कछुआ गति से काम होने के चलते अब तक पुल निर्माण पूरा नहीं हो सका। जबकि इसके लिए तीन बार बजट रिवाइज हुआ है। वक्त पर पुल बन जाता तो ग्रामीणों को मौत की सवारी न करनी पड़ती। सरकार की अनदेखी और अफसरों की लापरवाही से काम टलता रहा। इसकी कीमत ग्रामीणों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। डूबे 40 लोगों में से अभी तक 5 शवों निकाला गया। बाकी लोग अभी लापता हैं।
बसपा शासनकाल में यमुना पर पुल बनाने के लिए वर्ष 2011 में असोथर क्षेत्र के रामनगर कौहान-मरका के नाम से आधारशिला रखी गई थी। 2014 में पुल बनाकर चालू करने का लक्ष्य था। अधिकारियों की हीलाहवाली और धनाभाव से ऐसा नहीं हो सका। बढ़ती महंगाई के कारण तीन बार इस्टीमेट रिवाइज किया गया। पहले 54.89 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण होना था। इसके बाद 65 करोड़ और फिर 89 करोड़ का रिवाइज इस्टीमेट बना। पहले इस काम को चित्रकूट इकाई करवा रही थी। अब बांदा डिवीजन सेतु निगम के पास इसका काम है। तीसरी बार बजट रिवाइज होने के बाद जनवरी 2022 से काम शुरू हुआ था, लेकिन काम सुस्त गति से चलने के चलते अब तक पूरा नहीं हो सका।
औगासी पुल बनकर तैयार
बबेरू तहसील क्षेत्र में यमुना नदी पर औगासी क्षेत्र में पुल निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हुआ है। उद्घाटन न होने से बहुत कम ग्रामीण इस पुल का प्रयोग आवागमन के लिए करते हैं। इस पुल से भी बबेरू क्षेत्र के लोगों को फतेहपुर और प्रयागराज आवागमन में सहूलियत होगी।
50 किलोमीटर या फिर औगासी पुल
अब तो औगासी पुल लगभग बनकर तैयार है। ऐसे में इस पुल से होकर जाया जा सकता है। जोकि मर्का से करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर है। वहीं, सड़क मार्ग से फतेहपुर सीमा पहुंचने के लिए मर्का के लोगों को करीब 50 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना होगा। इसके लिए तिंदवारी से होकर फतेहपुर जाने का रास्ता है।
Updated on:
11 Aug 2022 06:21 pm
Published on:
11 Aug 2022 06:14 pm
बड़ी खबरें
View Allबांदा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
