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परिवर्तन रैली में अपेक्षित भीड़ जुटाने में विफल रही भाजपा

भाजपा की महत्वाकांक्षी परिवर्तन रैली को सफल बनाने के लिए हालांकि पिछले तीन माह से लगातार बैठकें
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बैंगलोर

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Shankar Sharma

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Updated: 3 Nov 2017, 9:05 PM IST

BJP PARIVARTANA YATRA

बेंगलूरु. भाजपा की महत्वाकांक्षी परिवर्तन रैली को सफल बनाने के लिए हालांकि पिछले तीन माह से लगातार बैठकें आयोजित की गई और पार्टी नेताओं ने इसमें 3 लाख लोगों की भीड़ जुटने के लंबे चौड़े दावे किए लेकिन रैली की शुरुआत फीकी रही। तमाम कोशिशों के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर कुर्सियां खाली पड़ी रहीं और इसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली।


भाजपा नेताओं ने दावे किए थे कि राज्य के प्रत्येक बूथ स्तर से भाजयुमो के तीन-तीन कार्यकर्ता बाइक पर रैली में भाग लेने पहुंचेंगे और इस तरह एक लाख बाइक आएंगी लेकिन बमुश्किल एक हजार के लगभग बाईक लेकर गिनती के कार्यकर्ता पहुंचे।


धूप से बचने के लिए इधर-उधर पेड़ों की छांव में खड़े लोगों को रैली स्थल पर बुलाने के लिए पार्टी नेताओं को खूब पसीना बहाना पड़ा और बार बार लाउडस्पीकर से कुर्सियों पर आकर बैठने की अपील करनी पड़ी। हालांकि, तय कार्यक्रम के मुताबिक अमित शाह को सुबह 11 बजे इस कार्यक्रम का उद्घाटन कर रैली को विदा करना था और इसके लिए वे तय समय पर विशेष विमान से एचएएल हवाईअड्डे पर पहुंच गए थे लेकिन मैदान खाली पड़ा होने के कारण भाजपा नेता उन्हें तय वक्त पर कार्यक्रम स्थल पर बुलाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।


रैली में भीड़ नहीं जुटा पाने के कारण पार्टी नेताओं को दोपहर २ बजे तक शाह को हवाई अड्डे पर इंतजार करवाना पड़ा। उनके आने के समय यातायात जाम होने के कारण उन्हें हेलिकाप्टर से कार्यक्रम स्थल पर लाया गया।


स्थानीय नेताओं पर बिफरे अमित शाह
अमित शाह ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही जब मैदान खाली देखा तो उन्होंने पास ही खड़े केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा को आड़े हाथों ले लिया। शाह की झिडक़ी के बाद घबराए गौड़ा मंच पर दूसरे नेताओं के पास दौड़े। उन्होंने भोजन कक्ष व पेड़ों की छांव में खड़े कार्यकर्ताओं को भीतर बुलाने की दूसरी कतार के नेताओं से अपील की।


इतना सब कुछ होने के बावजूद येड्डियूरप्पा मौन दिखाई दिए लेकिन अनंत कुमार पूरे जोश के साथ यहां-वहां आ-जा रहे थे। यात्रा का नेतृत्व करने वाली पूर्व मंत्री शोभा करंदलाजे, आर. अशोक, विधायक मुनिराजु तथा विश्वनाथ के चेहरे लटके हुए दिखाई दिए।


अंतत: केवल 15-20 मिनट मौजूद रहे अमित शाह ने भाषण दिया और येड्डियूरप्पा की अगुवाई में परिवर्तन यात्रा रैली की विशेष बस को हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम स्थल से विदा किया। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होना था लेकिन तुमकूरु रोड वाहनों की अधिक संख्या के कारण लगे भीषण जाम ने भाजपा की उम्मीदों को भी जाम कर दिया और रैली को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई।