
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने बीबीएमपी के दफ्तर में एक अधिकारी को धमकाने और पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने की चेतावनी देने वाले केआरपुरम ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नारायण स्वामी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। यह भनक मिलने पर नारायण स्वामी फरार हो गया।
सिद्धरामय्या ने मंगलवार को कहा कि कानून से कोई बड़ा नहीं है और कानून सबके लिए एक है। उन्प्होंने नारायणस्वामी की धमकी वाली विडियो क्लिप देखी है और पुलिस आयुक्त टी.सुनील कुमार को निर्देश दिए हैं कि नारायाण स्वामी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। सरकार ऐसा व्यवहार करने वालों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों या निचले स्तर के कर्मचारियों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है और सरकार उनकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
बताया जाता है कि नारायण स्वामी १६ फरवरी को होरामावु स्थित पालिका के वार्ड दफ्तर में गया और सहायक राजस्व अधिकारी चंगल रायप्पा से एनआई ले आउट का एक भूखंड उसके नाम करने का अनुरोध किया। रायप्पा ने कहा कि उस भूखंड का मामला न्यायालय में लंबित है और ऐसा करने का अधिकार नहीं है। इस पर स्वामी वहां से चला गया।
वह अगले दिन फिर रायप्पा के पास गया और वही मांग दोहराई, जिस पर उसे पुराना जवाब सुनने को मिला। इस पर नारायण स्वामी नाराज हो गया। उसने दफ्तर में चंगल रायप्पा, फर्नीचर अलमारियों, सरकारी दस्तावेजो और फाइलों पर पट्रोल छिड़़क दिया और आग लगाने की धमकी दी।
चंगल रायप्पा ने पुलिस रिपोर्ट दर्ज करानी चाही तो उसे फिर धमकी दी गई इसलिए उसने डर कर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। इस घटना को जब टीवी चैनलों पर प्रसारित किया गया तो मंगलवार को मुख्यमंत्री ने नारायण स्वामी को गिरफ्तार करने के निर्देश दे दिए।
पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ जी. परमेश्वर ने एक आदेश के तहत केआरपुरम विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कलकेरे नारायणस्वामी को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। कुछ टीवी चैनलों पर मंगलवार को इस घटना की क्लिप का प्रसारण किया गया। इसके बाद पार्टी ने यह कार्रवाई की।
Published on:
21 Feb 2018, 12:52 AM IST
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