5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अपराध नियंत्रण में राज्यों का आपसी सहयोग जरूरी

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने दक्षिणी राज्‍यों के पुलिस महानिदेशकों के साथ किया विचार विमर्श
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बैंगलोर

•

image

Sanjay Kumar Kareer

•

Updated: 29 Sep 2018, 5:33 PM IST

karnataka news, DGP Conference

अपराध नियंत्रण में राज्यों का आपसी सहयोग जरूरी

दक्षिणी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक

बेंगलूरु. उप मुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने कहा कि आधुनिकता और विकास की राह में रुकावट आपराधिक गतिविधियों का सामना करने के लिए अंतर राज्यीय सहयोग बहुत आवश्यक है।

उन्होंने शुक्रवार को दक्षिणी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की सभा का उद्घाटन करते हुए कहा कि आपराधिक मामलों का पता लगाने के लिए पुलिस को हर दिन नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

युवा पीढ़ी का रुझान आतंकवाद की तरफ हो रहा है। यह देश के लिए बड़ी खतरनाक स्थिति है। सीमा पार से आतंकी गतिविधियों के लिए राशि भेजी जा रही है। सोशल मीडिया और अन्य तरीकों से युवकों को आतंकी गतिविधियों की तरफ आकर्षित किया जा रहा है। इसे रोकना ही सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठित व्यवस्था की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि राज्यों में नई प्रौद्योगिकी आधारित योजनाओं को जारी करने दक्षिणी राज्यों के बीच परस्पर सूचना विनिमय की जरूरत है। इसके लिए दक्षिण राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की हर तीन माह में सभाओं का आयोजन किया जना चाहिए।
इससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी सूचना के प्रसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नई प्रौद्योगिकी का उपयोग आपसी संपर्क के लिए किया जा सकता है।

परमेश्वर ने कहा कि इंटरनेट के युग में साइबर अपराध बढऩे लगे हैं। इसके नियंत्रण के लिए प्रौद्योगिकी आधारित अत्याधुनिक तरीके से काम करने की जरूरत है। रात में पुलिस कर्मचारी गश्त पर जाते हैं। वे पुस्तक में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति बताते हैं। लेकिन वे कहां गए हैं, इसका पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की जरूरत है।

नक्सलवाद, आतंकवाद, बाल उत्पीडऩ, साइबर अपराध समेत कई मामलों से निपटने के लिए अंतरराज्यीय स्तर पर डीजीपी की सभाओं को हर तीन माह में आयोजन करने की जरूरत है। इस सभा में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक की डीजीपी ने भाग लिया है।

अगली बैठक के स्थान और समय का फैसला एक सप्ताह बाद होगा। इस अवसर पर प्रदेश की पुलिस महा निदेशक नीलमणि एन.राजू और दक्षिण भारतीय राज्यों के डीजीपी उपस्थित थे।

बड़ी खबरें

View All

बैंगलोर

कर्नाटक