
विधान परिषद के 8 सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
बेंगलूरु. शहर की अदालत के निर्देशों के तहत विधानसौधा पुलिस ने विधान परिषद सदस्य बोसराज, लक्ष्मीनारायण, अल्लम वीरभद्रप्पा, अप्पाजी गौडा, एस. रवि, आर.बी.तिम्मापुर, सी.आर.मनोहर तथा रघु आचार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
उन पर आरोप है कि उन्होंने विधान परिषद सचिवालय को गलत जानकारी देकर लाखों रुपए का यात्रा भत्ता तथा महंगाई भत्ता प्राप्त किया है। वर्ष 2016 के बेंगलूरु महानगर पालिका के महापौर तथा उप महापौर चुनाव के दौरान इन विधान परिषदों के सदस्यों ने स्वयं को बेंगलूरु शहर के निवासी बताकर यहां की मतदाता सूची में नाम भी शामिल करवा कर मतदान भी किया था। लेकिन इसके साथ-साथ विधानपरिषद के सचिवालय को विधान परिषद की कार्यवाही में भाग लेने के लिए अपने-अपने मूल जिलों से बेंगलूरु की यात्रा करने का विवरण देकर 30 लाख रुपए से अधिक यात्रा तथा महंगाई भत्ता भी प्राप्त किया था।
इस मामले को लेकर भाजपा के पार्षद बीबीएमपी में नेता प्रतिपक्ष पद्मनाभ रेड्डी ने तत्कालीन सभापति डी.एच.शंकरमूर्ति से शिकायत भी की थी। लेकिन इन सदस्यों के खिलाफ कोई कार्रवाई संभव नहीं हुई थी। उसके पश्चात रायचूरु मूल के रामण्णा नामक व्यक्ति ने कोड ऑफ क्रिमनल प्रोसिजर (सीआरपीसी) की धारा 200 के तहत इस मामले को लेकर बेंगलूरु शहर की अदालत में याचिका दायर कर इन विधान परिषद सदस्यों के खिलाफ कार्रवाइ करने की मांग की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए अदालत ने विधानसभा पुलिस को आठ सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। विधानसौधा पुलिस ने आठ सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 177 तथा जनप्रतिनिधि कानून 1950 की धारा 31 के तहत मामला दर्ज किया है।
पद्मनाभ रेड्डी ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। निर्दलीय सदस्य रघु आचार ने कहा कि वे इस मामले को लेकर कानूनविदों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं।
Published on:
22 Nov 2018, 11:13 PM IST
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