28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हर्षोल्लास से मनाया ज्ञानशाला दिवस

विभिन्न राज्यों की वेशभूषा धारण कर बच्चों ने राष्ट्र एकता का परिचय दिया
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बैंगलोर

•

image

Ram Naresh Gautam

•

Updated: 4 Sep 2018, 5:05 PM IST

jainism

हर्षोल्लास से मनाया ज्ञानशाला दिवस

हासन. तेरापंथ सभा भवन में ज्ञानशाला दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। बच्चों ने संस्कार निर्माण रैली निकाली। इस मौके पर ज्ञानशाला के बच्चों ने नृत्य के माध्यम से गीतिका प्रस्तुति की। विभिन्न राज्यों की वेशभूषा धारण कर बच्चों ने राष्ट्र एकता का परिचय दिया। नम्रता सुराणा ने स्वागत किया। सभाध्यक्ष जयंतीलाल कोठारी, मंत्री सोहनलाल तातेड़, महिला मंडल अध्यक्ष संतोष एम भंसाली, संघ अध्यक्ष बसंत बोहरी ने विचार व्यक्त किए। संचालन रेखा सुराना ने किया। नीतू कोठारी ने आभर जताया।


जागरण में गाय का गुणगान
हासन. अरसीकेरे स्थित कस्तूरबा गांधी नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट में राजस्थानी समाज अरसीकेरे के तत्वावधान में रविवार रात्रि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में गो माता जागरण महोत्सव आयोजित किया गया। योगेश्वर मठ कदली मेंगलूरु के मठ प्रमुख राजायोगी, संत निर्मल नाथ के सान्निध्य में जागरण में समाजसेवी महेंद्र मुणोत, सुरेंद्र सिंह राजपुरेाहित ने गो माता की महत्ता बताई। कलाकार जोग भारती व पार्टी ने भजनों की प्रस्तुति दी। धर्मसभा में मैसूरु व आसपास क्षेत्रों से भक्तों ने भाग लिया।


त्रिलोक के स्वामी हैं कृष्ण
चामराजनगर. गुंडलपेट स्थानक में साध्वी साक्षी ज्योति ने जन्माष्टमी के पावन प्रसंग पर कहा कि भगवान महावीर ने तीन प्रकार के उत्तम पुरुष बताए हैं।धर्म पुरुष अरिहंत जो धर्म का उद्घोष करते हैं और दया धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने कहा कि भोग पुरुष चक्रवर्ती जो भूमि का भोग करते हैं यानी चक्रवर्ती 12 हैं, जो राज्य को संभालते हैं। 6 खण्ड यानी पूरे विश्व पर राज करता है। कर्मपुरुष वासुदेव होते हैं, ये 3 खण्ड पर शासन करते हैं। इसीलिए कृष्ण को त्रिखण्डाधिपति भी कहा जाता है। ये दुनिया को संदेश देते हैं, पुरुषार्थ करो। कभी किसी का पुरुषार्थ खाली नहीं जाता है। उत्तम पुरुष के लक्षण हैं।

आचरण में झलकनी चाहिए संयम, मर्यादा
बेंगलूरु. तेरापंथ सभा के तत्वावधान में साध्वी कंचनप्रभा के सान्निध्य में तेरापंथ भवन गांधीनगर में पर्युषण यात्रा पर जा रहे उपासकों की कार्यशाला आयोजित की गई। साध्वी ने कहा कि धर्म संघ की मर्यादाओं, सिद्धातों व गुरु इंगित को ध्यान में रखते हुए अपने व्यवहार व आचरण में संयम व साधना परिलक्षित होनी चाहिए। साध्वी ने ब्रह्म मंगलपाठ प्रदान कराया। महेंद्र दक ने पर्युषण यात्रा आचार संहिता व नियमों की जानकारी दी। उपासिका उर्मिला सुराणा ने पर्युषण के दौरान होने वाले विषयों पर प्रकाश डाला। प्रारंभ में मंत्री प्रकाश लोढ़ा ने स्वागत, उपाध्यक्ष दीपचंद नाहर ने धन्यवाद किया।