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बड़ा पद मिले तो भाजपा में जाने को तैयार रेवण्णा

उन्होंने शुक्रवार को कहा कि कांगे्रस आला कमान ने उनसे धोखा किया है
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 9 Jun 2018, 5:22 PM IST

hm revanna

बड़ा पद मिले तो भाजपा में जाने को तैयार रेवण्णा

बेंगलूरु. पूर्व मंत्री व विधान पार्षद एच.एम.रेवण्णा ने कहा कि अगर भाजपा में बड़ा पद मिला तो वे कांग्रेस छोडऩे को तैयार हैं। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि कांगे्रस आला कमान ने उनसे धोखा किया है। मंत्रिमंडल में शामिल करने के मसले पर नई दिल्ली बुलाकर बातचीत की लेकिन शामिल नहीं किया गया। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या जिम्मेदार है। उन्होंने अपने पुत्र डॉ.यतींद्र को मंत्री बनाने की लॉबिंग की थी। रेवण्णा ने कहा कि कुरुबा समुदाय ने हमेशा सिद्धरामय्या का साथ दिया लेकिन सिद्धरामय्या सरकार ने समाज को बहुत नुकसान पहुंचाया। सिद्धरामय्या इसी समाज से हैं लेकिन उन्हें अपने समाज की चिंता ही नहीं है, तो वे अन्य सुमदाय के लिए क्या कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार में कुरुबा समाज का एक भी मंत्री नहीं है।

रेवण्णा ने कहा कि वे हेब्बाल से चुनाव लडऩा चाहते थे। उन्हें जबरन चन्नपट्टण से खड़ा किया गया। सिद्धरामय्या और अन्य किसी वरिष्ठ नेता ने उनके समर्थन में प्रचार नहीं किया। एक षड्यंत्र के तहत उन्हें राजनीतिक रूप से खत्म करने का प्रयास किया गया। इन सभी बातों को देखने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोडऩे का फैसला किया है। भाजपा के के एस ईश्वरप्पा ने उन्हें पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि ईश्वरप्प्पा ने भाजपा की सरकार बनने पर उन्हें मंत्री पद देने का अश्वासन दिया है।बताया जाता है मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भाजपा के कुछ नेताओं ने उन्हें फोन कर पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया था।

कांग्रेस ने किनारा किया मगर अकेला नहीं
मंत्री नहीं बनाए जाने से खफा एम बी पाटिल ने कांग्रेस आलाकमान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश करते हुए शुक्रवार को कहा कि पार्टी ने उन्हें अकेला छोड़ दिया लेकिन वे अकेले नहीं हैं। पाटिल ने पार्टी छोडऩे के कयासों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी ने मेरी अपेक्षा की सिर्फ इस कारण मैं पार्टी को नहीं छोड़ूंगा। पाटिल ने कहा कि मेरे साथ 20 से अधिक विधायक हैं। पाटिल ने कहा कि मैं अकेला नहीं हूं, सतीश जारकीहोली, एमबीटी नागराज आदि विधायक मेरे साथ हैं। हम सब साथ हैं। सतीश और नागराज भी मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज हैं। पाटिल ने कहा कि ना तो मैं वरिष्ठ हूं या ना ही कनिष्ठ। हम सब एक समान हैं।

हम जल्द ही साथ बैठेंगे और अगले कदम के बारे में निर्णय करेंगे लेकिन हम पार्टी छोडऩे के बारे में विचार नहीं कर रहे हैं। पाटिल ने कहा कि वे एक बार फिर से दोहरा रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी में किसी प्रकार के मतभेद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर को भी हमारी मांगों पर विचार करना चाहिए। कुमारस्वामी के दखल को लेकर पूछे सवाल ेके जवाब में पाटिल ने कहा कि उनके आगामन को विशेष महत्व देने की जरुरत नहीं है, यह शिष्टाचार मुलाकात थी। उन्होंने कुमारस्वामी से घर आने के लिए मना किया था पर वे मुझसे मिलने पर जोर दे रहे थे। कुमारस्वामी के उनके घर पर आने को विशेष महत्व देने की आवश्यकता नहीं है और उनको पूरा यकीन है कि पार्टी नेतृत्व इस मसले को सुलझा लेगा।