
सही मार्गदर्शन मिले तो समस्या का सामना करना आसान
बेंगलूरु. जीतो बेंगलूरु के प्रबुद्ध मंडल ने कोरोना जैसी महामारी के समय अपने-अपने स्थान से संचार माध्यमों से संपर्क साधकर जरूरतमंदों की साधर्मिक भक्ति के अंतर्गत हर हाल में आर्थिक, चिकत्सकीय व शैक्षणिक सहायता पहुंचाने का निर्णय किया और तब से साधर्मिक सहयोग की यह योजना अनवरत रूप से गतिमान है। जीतो साधर्मिक भक्ति योजना के चेयरमेन रमेश हरण ने योजना के शुरुआत के दिनों को याद करते हुए बताया कि कोरोना काल में जब आपस में मिलना भी दूभर था वैसी परिस्थिति में धन को जमा करना व वापस जरूरतमंदों तक पहुंचाना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। परंतु जब सच्ची श्रद्धा के साथ सेवा करने का जजा हो, दानवीरों का साथ हो और सही मार्गदर्शन देने वाले हो तो सेवा-सहायता में आने वाली हर समस्या का धैर्यपूर्वक सामना किया जा सकता है।
योजना के मंत्री महेंद्र जियाणि के अनुसार कठिन समय में साधर्मिक भक्ति जैसी सोच को मूर्त रूप देने व मार्गदर्शन करने में जीतो एपेक्स के पूर्व चेयरमेन तेजराज गुलेच्छा, जीतो बेंगलूरु के पूर्व अध्यक्षों प्रकाश सिंघवी, राजेंद्र गांधी, श्रीपाल खिंवेसरा, पारस भंडारी आदि अग्रणी रहे। योजना के कोषाध्यक्ष भेरूमल भंडारी के अनुसार पिछले दो वर्षों में साधर्मिक भक्ति योजना अंतर्गत मासिक वित्तीय सहायता के रूप में 6374 परिवारों को, मेडीक्लेम सहायता के रूप में 1758 परिवारों को तथा शैक्षणिक स्कॉलरशिप के रूप में 1820 अभ्यार्थियों को सहायता प्रदान की जा चुकी है।
मीडिया प्रभारी व सह संयोजक सिद्धार्थ बोहरा ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों का समिति के अनुभवी सदस्यों द्वारा छानबीन कर निर्धारण किया जाता है। समिति में विशेष रूप से रमेश हरण, महेंद्र जियाणि, भेरूमल भंडारी, सिद्धार्थ बोहरा, अमित कोठारी, संतोष जैन, प्रवीण पोरवाल सेवाएं प्रदान कर रहे है। जीतो अध्यक्ष अशोक नागोरी ने कहा कि सही वक्त पर जरूरतमंद को मिलने वाले सहयोग के दूरगामी व संतोषजनक परिणाम प्राप्त होते है। महामंत्री महेश नाहर ने जीतो कार्यालय के कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
Updated on:
15 Sept 2022 07:25 am
Published on:
15 Sept 2022 07:25 am
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